पंचक (सौ.AI)
धर्म

Panchak 2026: शुरू हो चुका है 5 दिनों का पंचक, भूलकर भी न करें ये काम, वरना बढ़ सकती है मुश्किल

Panchak Kya Hai: पंचक के पांच दिनों में कुछ कार्यों को करना अशुभ माना जाता है। जानें पंचक के दौरान किन कामों से बचना चाहिए और किन जरूरी नियमों का पालन करना चाहिए।

सीमा कुमारी

Panchak Mein Kya Na Karein: हिन्दू धर्म में पंचक को अशुभ माना जाता है। पंचक एक ऐसी समय है जिसमे कोई शुभ काम नहीं किया जाता है। इस बार अगस्त 2026 का दूसरा पंचक 27 अगस्त को दोपहर 1:35 बजे से शुरू होकर 1 सितंबर की सुबह 3:24 बजे तक रहेगा।

खास बात ये है कि इस बार पंचक की शुरुआत गुरुवार को हुई है, इसलिए इसे शास्त्रों में बहुत ज्यादा हानिकारक या अशुभ नहीं माना जाता है। इसी अवधि में रक्षाबंधन का पर्व भी मनाया गया और गुरुवार-शुक्रवार के संयोग के कारण पंचक का विशेष नकारात्मक प्रभाव नहीं माना गया है।

पंचक क्या और क्यों लगता है?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चन्द्र ग्रह का धनिष्ठा नक्षत्र के तृतीय चरण और शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद तथा रेवती नक्षत्र के चारों चरणों में भ्रमण काल पंचक काल कहलाता है।

इस तरह चन्द्र ग्रह का कुम्भ और मीन राशी में भ्रमण पंचकों को जन्म देता है। अर्थात पंचक के अंतर्गत धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद, पूर्वा भाद्रपद व रेवती नक्षत्र आते हैं। इन्हीं नक्षत्रों के मेल से बनने वाले विशेष योग को 'पंचक' कहा जाता है।

पंचक में क्या क्या नहीं करना चाहिए?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पंचक के 5 दिनों में विशेष रूप से 5 मुख्य कार्यों को करना वर्जित माना गया है। मान्यता है कि इन दिनों में ये काम करने से अशुभ फल या हानि हो सकती है:

दक्षिण दिशा में यात्रा

दक्षिण दिशा को यम और पितरों की दिशा माना गया है, इसलिए पंचक में इस दिशा में लंबी यात्रा करने से बचना चाहिए।

लकड़ी या ईंधन इकट्ठा करना

धनिष्ठा नक्षत्र वाले दिन लकड़ी, घास या कोई भी ज्वलनशील वस्तु घर में एकत्र नहीं करनी चाहिए, इससे आग लगने का खतरा रहता है।

घर की छत डलवाना

पंचक के दौरान घर की छत नहीं बनवानी चाहिए या छत की ढलाई नहीं करनी चाहिए। इससे आर्थिक संकट और घर में क्लेश की आशंका होती है।

चारपाई बनवाना या बुनना

पंचक काल में नई चारपाई नहीं बनवानी चाहिए और न ही उसकी बुनाई करनी चाहिए, इसे अशुभ माना जाता है।

शव का अंतिम संस्कार

यदि पंचक के दौरान किसी की मृत्यु हो जाए, तो अकेले दाह संस्कार करने से दोष लगता है। इससे बचने के लिए विद्वान पंडित की सलाह से आटे या कुश के पांच पुतले बनाकर शव के साथ उनका भी विधिवत दाह संस्कार किया जाता है।

कौन सा पंचक माना जाता है शुभ?

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, सोमवार से शुरू होने वाले पंचक को राज पंचक कहा जाता है और इसे शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस अवधि में सरकारी काम, कोर्ट-कचहरी और संपत्ति से जुड़े मामलों में सफलता मिल सकती है।

पंचक के दौरान क्या नहीं खरीदना चाहिए?

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, पंचक के दौरान कुछ वस्तुओं की खरीदारी से बचना चाहिए जो कि नीचे दी गई हैं-

  • लकड़ी का सामान

  • चारपाई या पलंग

  • लोहे की वस्तुएं

  • ज्वलनशील पदार्थ

इस तरह अगस्त 2026 का पंचक 27 अगस्त दोपहर 1:35 बजे से 1 सितंबर सुबह 3:24 बजे तक रहेगा। चूंकि इसकी शुरुआत गुरुवार से हुई है, इसलिए इसे कम नुकसानदायक माना गया है। फिर भी पंचक के दौरान कोई नया या महत्वपूर्ण काम शुरू करने से पहले स्थानीय पंचांग और शुभ मुहूर्त का ध्यान रखना बेहतर माना जाता है।

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