Neem Karoli Baba Quotes: इन दिनों नीम करोली बाबा की जिंदगी और आध्यात्मिक यात्रा पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ लोगों को खूब पसंद आ रही है। फिल्म के रिलीज होने के बाद बाबा के जीवन, उनकी भक्ति और उनकी दी हुई शिक्षा को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है।
नीम करोली बाबा को उनके अनुयायी महाराजजी के नाम से जानते हैं। वे हनुमान भक्त और आध्यात्मिक गुरु के रूप में प्रसिद्ध रहे। उनकी शिक्षाओं में प्रेम, सेवा, सत्य, क्षमा और ईश्वर का स्मरण जैसे विचार प्रमुख रहे हैं।
नीम करोली बाबा का मानना था कि मनुष्य को सभी के लिए प्रेम और सेवा का भाव रखना चाहिए। उनके संदेशों में दूसरों के प्रति प्रेम रखने और जरूरतमंदों की सेवा करने पर जोर दिया जाता है।
कहा जाता है कि किसी को माफ कर देना सबसे बड़ी बात होती है। नीम करोली बाबा भी इस बात पर विश्वास करते थे और अपने अनुयायियों को क्षमा दान देना सीखाते थे। उन्होंने क्षमा को ऐसी शक्ति बताया है, जो व्यक्ति को क्रोध से ऊपर उठने में मदद करती है।
नीम करोली बाबा का मानना था कि इंसान हर परिस्थिति को अपनी इच्छा के मुताबिक नियंत्रित नहीं कर सकता। इसलिए जो हमारे नियंत्रण में नहीं है, उसे स्वीकार करना मानसिक शांति की दिशा में उठाया हुआ एक कदम होता है।
नीम करोली बाबा से जुड़ा एक प्रसिद्ध संदेश है- Be where you are, not where you were, यानी बीते समय में उलझे रहने के बजाय वर्तमान में मौजूद रहना सीखें। इससे जीवन बेहतर होगा और जीवन जीना आसान।
महाराज जी द्वारा दिए गए प्रवचनों में मन की स्पष्टता और भीतर की शुद्धता पर जोर दिया गया है। इसके पीछे विचार यह है कि बाहरी दुनिया को समझने से पहले व्यक्ति को अपने मन को समझने की कोशिश करनी चाहिए।
नीम करोली बाबा का मानना था कि इससे जुड़े संदेशों में प्रेम को बहुत महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। उनके अनुयायियों के बीच एक कथन बेहद प्रचलित है- प्रेम सबसे मजबूत औषधि है।