मंत्र जप (सौ.सोशल मीडिया) 
धर्म

Mantra Jap: तनाव, बेचैनी और अनिद्रा से राहत का आसान तरीका? सोने से पहले करें 1 मिनट का मंत्र जप

Mantra Jap To Relieve Stress: तनाव, बेचैनी और अनिद्रा की समस्या से परेशान लोगों के लिए सोने से पहले 1 मिनट का मंत्र जप एक सरल और प्रभावी उपाय माना जाता है। जानिए सोने से पहले कौन-सा मंत्र जप करें।

सीमा कुमारी

Mantra Jap To Relieve Stress Anxiety And Sleeplessness:आजकल कई लोग रात में नींद न आने की समस्या से परेशान हैं। दिनभर के कामकाज, तनाव और लगातार चलने वाले विचारों के कारण मन शांत नहीं हो पाता है। ऐसे में सनातन परंपरा में सोने से पहले मंत्र जप का एक आसान उपाय बताया गया है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रात में सोने से पहले कुछ क्षण भगवान का स्मरण और मंत्रों का जप करने से मन को शांति मिलती है। यही वजह है कि आज भी बहुत से लोग अपनी दिनचर्या का अंत प्रार्थना या मंत्र जप के साथ करते हैं।

सोने से पहले कौन-सा मंत्र जप करने चाहिए?

धर्म शास्त्रों में रात में सुकुन भरी नींद पाने के लिए रात को सोने से पहले "ॐ" का उच्चारण सबसे सरल और लोकप्रिय बताया गया है। इसके अलावा, "ॐ नमः शिवाय" और "राम" नाम का जप भी कई लोग करते हैं। मान्यता है कि इन मंत्रों का शांत मन से उच्चारण करने पर मन की बेचैनी कम होती है और सकारात्मक भाव पैदा होते हैं। जरूरी नहीं कि आप लंबे समय तक मंत्र जप करें। कुछ लोग सिर्फ एक-दो मिनट का जप भी पर्याप्त मानते हैं। सबसे जरूरी बात नियमितता और श्रद्धा को माना जाता है।

शास्त्रों में भी मंत्र जप का महत्व

हिन्दू शास्त्रों में भी मंत्र जप के महत्व का उल्लेख मिलता है। भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने "यज्ञानां जपयज्ञोऽस्मि" कहकर जप को श्रेष्ठ यज्ञ बताया है। वहीं, श्रीमद्भागवत महापुराण में कलयुग में भगवान के नाम-स्मरण और कीर्तन को मोक्ष का सरल मार्ग माना गया है। यही कारण है कि सनातन परंपरा में मंत्र जप को मानसिक शांति, आत्मिक उन्नति और ईश्वर से जुड़ाव का महत्वपूर्ण साधन माना जाता है।श्रीमद्भागवत महापुराण के द्वादश स्कंध (12), तृतीय अध्याय (3), श्लोक 51 में मिलता है।

कलौ दोषनिधे राजन्नस्ति ह्येको महान् गुणः। कीर्तनादेव कृष्णस्य मुक्तसङ्गः परं व्रजेत्॥ अर्थ- कलयुग भले ही अनेक दोषों का भंडार है, फिर भी इसमें एक महान गुण है कि केवल भगवान कृष्ण के नाम का कीर्तन करने से मनुष्य सांसारिक बंधनों से मुक्त होकर परम गति को प्राप्त कर सकता है।

मंत्र जप को ईश्वर से जोड़ने का माध्यम

धार्मिक एवं आध्यात्मिक दोनों दृष्टि से मंत्र जप मन को ईश्वर से जोड़ने का माध्यम माना जाता है। वहीं, कई लोग इसे मानसिक एकाग्रता बढ़ाने वाला अभ्यास भी मानते हैं। जब व्यक्ति कुछ क्षणों के लिए एक ही शब्द या मंत्र पर ध्यान केंद्रित करता है, तो मन की भटकन कम होने लगती है।

कहा जाता है कि इससे तनाव कम महसूस हो सकता है, मन हल्का होता है और नींद आने में भी आसानी हो सकती है। हालांकि, इसका प्रभाव व्यक्ति-व्यक्ति पर अलग हो सकता है।

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