भगवान शिव का सबसे प्रिय फूल (सौ.सोशल मीडिया) 
धर्म

महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव को चढ़ाएं ये विशेष फूल, तुरंत हो जाएंगे प्रसन्न, खुल जाएगा भाग्य

महाशिवरात्रि व्रत का बहुत बड़ा महत्व है। यह पर्व भगवान शिव की पूजा और आराधना करने का विशेष दिन होता है। इस दिन पर आप महादेव को ये फूल चढ़ा कर उन्हें प्रसन्न कर सकते है।

सीमा कुमारी

Maha Shivratri 2025 : शिव भक्तों का महापर्व महाशिवरात्रि इस वर्ष 26 फरवरी बुधवार को पूरे देश भर में मनाया जाएगा। सनातन धर्म महाशिवरात्रि पर्व का विशेष महत्व है। दरअसल, इस दिन माता पार्वती और भगवान शिव का विवाह हुआ था। आपको बता दें कि महाशिवरात्रि की पावन तिथि भगवान शिव की अराधना और उपासना करने का अहम दिन है। इस दिन भक्तगण भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए पूजा-अनुष्ठान और महाअभिषेक भी करते हैं। साथ ही, व्रत भी रखते हैं, ताकि उनपर शिव जी की असीम कृपा बनी रहे और घर में सुख-शांति बनी रहे हैं।

यह पावन पर्व हर साल फाल्गुन महीने में आता है, जिसे पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। ऐसे में यदि आप भी भोलेनाथ को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो महाशिवरात्रि की पूजा में शिव जी की पसंद के इन फूलों को शामिल करना न भूलें। इन कुछ खास फूलों को शिवरात्रि के दिन भगवान शिव को अर्पित करने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है। आइए जानते हैं कि शिवरात्रि पर भगवान शिव को कौन-कौन से विशेष फूलों का अर्पण करना चाहिए।

भगवान शिव का सबसे प्रिय फूल :

शमी का फूल

शमी का फूल भोलनाथ को अति प्रिय है। साथ ही इन फूलों को काफी शुभ माना जाता है। इतना ही नहीं हमारे वेद-पुराणों में भी शमी के पेड़ और फूलों का जिक्र है। ऐसे में शिवरात्रि के मौके पर शमी के फूल को भगवान शिव पर अर्पित करने से आपकी सभी मनोकानाएं पूरी होंगी।

कनेर का फूल

कनेर का फूल भी भगवान भोलनाथ को अति प्रिय है। भगवान शिव को इन्हें चढ़ाने से वे काफी प्रसन्न होते हैं। यह फूल सफेद और लाल रंग में भी मिलता है और इसे शुभ माना जाता है।

आक का फूल

आक का फूल भी भगवान भोलनाथ को अति प्रिय है। शिवरात्रि पर भगवान शिव को आक का फूल चढ़ाना काफी शुभ माना जाता है, जो महादेव को काफी पसंद है। इसे शिवलिंग पर अर्पित करने से व्यक्ति की इच्छाएं पूरी होती हैं और यह भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।

धतूरे का फूल

धतूरे का फूल महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव को विशेष रूप से अर्पित किया जाता है, क्योंकि यह फूल उन्हें बहुत प्रिय है। साथ ही इसके फल भी शिवलिंग पर चढ़ाए जाते हैं। इस फूल को चढ़ाने से व्यक्ति के कई पाप समाप्त होते है और पु्ण्य की प्राप्ति होती है।

नीलकमल

य​दि आप शिवजी को एक नीलकमल पुष्प अर्पित करते हैं, तो आपको हजार शमी के पत्ते चढ़ाने के बराबर फल प्राप्त होता है। कहा जाता है कि एक नीलकमल का फूल 1000 शमी के पत्तों से भी बढ़कर होता है। नीलकमल को सभी फूलों में सबसे उच्च बताया गया है।

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