Jitiya Vrat Paran Ki Thali: 3 अक्टूबर, शनिवार को जितिया का व्रत रखा जाएगा। संतान की लंबी उम्र और जीवन में सुख समृद्धि बनाए रखने के लिए जितिया व्रत हिन्दू धर्म में बड़ा महत्व रखता है। इस खास मौके पर कई तरह के पकवान और व्यंजन बनाए जाते है।
जितिया पर जिस तरह नहाए खाए पर नोनी का साग और मडुआ की रोटी खाने का महत्व है वैसे ही जितिया पारण पर भी कुछ पकवान और व्यंजन बनाए जाते है। जिसे भोग प्रसाद में भी चढ़ाया जाता है। ऐसे में आज हम बताएंगे जितिया पारण में बनने वाले कुछ खास पकवान के बारे में
जितिया पर विशेष तौर से 7 तरह के भोजन पकाए जाते हैं। पारण के दिन अरवा चावल और दाल बनाना शुभ माना जाता हैं। इसलिए आम चावलों के बजाय अरवा चावल का इस्तेमाल किया जाता है।
जितिया पारण के दिन थाली में अरवा चावल और दाल के अलावा, नोनी का साग भी शामिल किया जाता है।इसे जितिया के भोजन में विशेष महत्व दिया जाता है।
इस दिन जितिया पारण की थाली में मरुवा की रोटी रखना भी शुभ माना गया हैं। इसकी रोटी या इससे बने पकवान थाली में जरूर रखे जाते हैं।
जितिया पारण थाली में कंदा की सब्जी भी शामिल की जाती है। इसलिए इस दिन कंदा की सब्जी जरुर बनाई जाती हैं।
जितिया पारण थाली में कंदा की सब्जी के अलावा सतपुतिया की सब्जी भी शामिल जाती हैं। जितिया पर नहाए खाय से लेकर पारण तक सतपुतिया की सब्जी जरुर बनाई जाती हैं। यह झटपट और आसानी से बनकर तैयार हो जाता हैं। यह खाने में हल्का और पचाने में भी आसन होता हैं। सतपुतिया को झिंगी नाम से भी जाना जोता है जिसे बरसात के मौसम में खाया जाता हैं।
जितिया पूजा में भी चने की दाल के साथ रसीली और मसालेदार कद्दू की सब्जी बनाई जाती हैं।जिसे चावल दाल के साथ खाया जाता हैं। व्रत के बाद कद्दू की सब्जी खाने से हमारे शरीर को सारे जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं। इसलिए जितिया पारण की थाली में कद्दू की सब्जी जरूर करनी चाहिए।