

Jitiya Par Bachchon Ko Kya Dena Chahiye : संतान की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और सलामती के लिए माताओं द्वारा रखा जाने वाला जितिया व्रत इस बार 3 अक्टूबर, शनिवार को रखा जाएगा। इसे जितिया या जिउतिया व्रत भी कहा जाता है। बता दे, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में इस व्रत को श्रद्धा और नियमपूर्वक किया जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, जितिया के शुभ अवसर पर पूजा समाप्त होने के बाद या पारण के समय बच्चों को कुछ खास पवित्र प्रतीक, प्रसाद और वस्तु देना शुभ माना जाता है। ऐसा करने के पीछे भगवान जीमूतवाहन का आशीर्वाद बना रहता है। आइए जानते है बच्चों को क्या देना शुभ माना गया है?
धर्म शास्त्रों में जितिया व्रत पर बच्चों को पूजा के बाद लाल या पीले रंग का सूती धागा भगवान जीमूतवाहन का नाम लेकर बच्चे की कलाई या गले में बांधना शुभ माना गया है। इसलिए इस दिन बच्चों की कलाई या गले में जितिया का पवित्र धागा बांधना न भूलें। यह बच्चों की रक्षा करता है और उन्हें बीमारियों से दूर रखता है।
जितिया व्रत में ठेकुआ या चने का प्रसाद विशेष महत्व रखता है, इस दिन पूजा के बाद बच्चों को ठेकुआ और चने का प्रसाद देना न भूलें।
जितिया पर्व के दिन बच्चों को नए कपड़े पहनाना या भेंट करना उनकी तरक्की और जीवन में खुशहाली लाता है। इसलिए इस दिन भगवान जीमूतवाहन की पूजा होने के बाद अपने बच्चे को नए कपड़े पहनकर भगवान और घर के बड़ों का आशीर्वाद जरूर दिलाए।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा के बाद खीरा या अन्य मौसमी फल प्रसाद के रूप में बच्चों को खिलाना बहुत शुभ और वंश वृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
इस दिन माताएं जिनकी संतानें छोटी हैं, उन्हें बच्चे की खुशी को ध्यान में रखते हुए जितिया के मौके पर खिलौना देना चाहिए। ऐसा करने से आपकी संतान प्रसन्न और जीवन खुशहाल बनता है।