शिवलिंग पर 7 स्थानों पर चंदन लगाना बड़ा शुभ (सौ.सोशल मीडिया) 
धर्म

शिवलिंग में किन स्थानों पर लगाएं चंदन, किस स्थान पर किसका है निवास, जानिए और पाएं महादेव शिव जी का विशेष आशीष

महाशिवरात्रि की पावन तिथि भगवान शिव की अराधना और उपासना करने का अहम दिन है। इस दिन यदि भोलेनाथ का विधिविधान से पूजन किया जाए और कुछ उपाय अपनाए जाएं तो जातकों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है।

सीमा कुमारी

Maha Shivratri 2025: शिव भक्तों का महापर्व महाशिवरात्रि सनातन धर्म में बड़ा महत्व रखता है। इस वर्ष यह पावन तिथि 26 फरवरी बुधवार को पूरे देश भर में मनाया जाएगा। दरअसल, इस दिन माता पार्वती और भगवान शिव का विवाह हुआ था।

आपको बता दें कि महाशिवरात्रि की पावन तिथि भगवान शिव की अराधना और उपासना करने का अहम दिन है। इस दिन यदि भोलेनाथ का विधि—विधान से पूजन किया जाए और कुछ उपाय अपनाए जाएं तो जातकों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है। ऐसे में महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर 7 स्थानों पर चंदन लगाने से बैकुंठ धाम में स्थान मिलता है। आइए जानते हैं इस बारे में।

शिवलिंग पर 7 स्थानों पर चंदन लगाना बड़ा शुभ

धर्म शास्त्रों की मानें तो, भगवान शिव को चंदन का टीका लगाना बड़ा शुभ होता है। इससे वह प्रसन्न होते हैं और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। लेकिन, आपको बता दें कि महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर 7 स्थानों पर चंदन लगाने से बैकुंठ धाम में स्थान मिलता है।

पहला टीका

महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग का पूजन करते समय सबसे पहले शिवलिंग के ऊपर चंदन लगाया जाता है। ऐसा करना बड़ा शुभ एवं मंगलमय है। इसलिए जब भी शिवलिंग की पूजा करें, तो शिवलिंग के ऊपर चंदन लगाना न भूलें।

दूसरा टीका

महाशिवरात्रि के दिन शिव मंदिर में भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए दूसरा चंदन का टीका शिवलिंग के सीधे हाथ पर लगाया जाता है, यह गणेश जी का स्थान माना गया है। इसलिए महादेव को प्रसन्न करने के लिए चंदन का दूसरा टीका लगाना ना भूलें।

तीसरा टीका

महाशिवरात्रि के दिन चंदन का तीसरा तिलक यानी टीका शिवलिंग के उल्टे यानी बाएं हाथ की तरफ लगाया जाता है। इसे भगवान कार्तिकेय का स्थान कहते है। इसलिए शिवपूजन के समय शिवलिंग के उल्टे यानी बाएं हाथ में चंदन का तीसरा टीका लगाना ना भूलें।

चौथा टीका

शिवलिंग पर चंदन का चौथा टीका अशोक सुंदरी के ऊपर लगाया जाता है। यह शिवलिंग का वह स्थान है जहां शिवलिंग पर अर्पित किया गया जल नीचे की ओर आता है।

पांचवा टीका

महाशिवरात्रि के दिन चंदन का पांचवा तिलक शिवलिंग की जलाधारी पर लगाया जाता है। जहां से जल प्रवाह होता है।

छठा टीका

शिवलिंग का जल चहां बह रहा है उसके ठीक विपरीत यानि शिवलिंग के पीछे की ओर चंदन का छठा तिलक लगाया जाता है।

सातवां टीका

सातवां और अंतिम तिलक शिवलिंग के पास रखें नंदी महाराज के दोनों सिंगों पर लगाया जाता है। इसे बहुत ही शुभ माना गया है।

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