premanand ji maharaj (Source. Pinterest) 
धर्म

मनचाही चीज़ चाहिए या रोगों से मुक्ति? संत प्रेमानंद जी महाराज बता रहे हैं सबसे आसान उपाय

Mantra To Get Desired Thing: भागदौड़ भरी ज़िंदगी में इंसान सुख, शांति और समाधान की तलाश में भटक रहा है। कोई बीमारी से परेशान है, कोई मानसिक तनाव से और कोई जीवन के उद्देश्य को समझ नहीं पा रहा।

सिमरन सिंह

Hari Naam Aushadhi: आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में इंसान सुख, शांति और समाधान की तलाश में भटक रहा है। कोई बीमारी से परेशान है, कोई मानसिक तनाव से और कोई जीवन के उद्देश्य को समझ नहीं पा रहा। ऐसे समय में श्री प्रेमानंद जी महाराज एक सरल लेकिन अत्यंत प्रभावशाली मार्ग बताते हैं भगवान का पवित्र नाम। उनके अनुसार, इस संसार में ईश्वर के नाम से बड़ी कोई औषधि नहीं है।

"हरि नाम औषधि" हर समस्या की दिव्य दवा

महाराज जी कहते हैं कि शरीर की बीमारी हो, मन का दुख हो या भगवान की प्राप्ति का लक्ष्य हर स्थिति में प्रभु का नाम ही अंतिम उपाय है। वे इसे "हरि नाम औषधि" कहते हैं, जो कभी निष्फल नहीं होती। सच्चे भाव और दृढ़ निश्चय के साथ किया गया नाम जप उन रोगों को भी मिटा सकता है, जिनका इलाज विज्ञान के पास नहीं है।

नाम जप से असाध्य रोग भी होते हैं दूर

इतिहास और संतों के जीवन में इसके अनेक प्रमाण मिलते हैं। महाप्रभु चैतन्य देव द्वारा वासुदेव को गले लगाने से कुष्ठ रोग का नाश हो जाना या हनुमान प्रसाद पोद्दार जी द्वारा आत्महत्या की कगार पर खड़े रोगी को जीवनदान मिलना ये सब नाम की शक्ति को दर्शाते हैं। महाराज जी कहते हैं कि रोग अक्सर पूर्व जन्मों के कर्मों का फल होते हैं, और नाम जप उन कर्मों को जला देता है।

संत स्वयं कष्ट क्यों सहते हैं?

कई लोग पूछते हैं कि जब नाम में इतनी शक्ति है तो संत स्वयं अपने कष्ट क्यों नहीं दूर कर लेते। इस पर प्रेमानंद जी महाराज स्पष्ट कहते हैं, "मेरे हृदय में 1% भी ठीक होने की इच्छा नहीं है"। वे वृंदावन में श्री प्रियाजी के चरणों में शरण पा चुके हैं। संत अपने कष्ट सहकर जन्म-मरण के चक्र को तोड़ना चाहते हैं।

मन और अहंकार का इलाज भी नाम में

महाराज जी बताते हैं कि अवसाद और बेचैनी का कारण सही ढंग से सुनना और जप न करना है। वे कहते हैं भक्तों के जूते साफ करो, उनका बचा हुआ अन्न त्यागो और पवित्र वाणी सुनो। यह अहंकार को तोड़ने और पापों को नष्ट करने की गुप्त साधना है।

नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा कवच

नाम जप करने वाले पर न तो भूत-प्रेत असर करते हैं और न ही नकारात्मक ग्रह। घर में एक घंटे का संकीर्तन करने से वातावरण शुद्ध हो जाता है। नाम जप की खासियत यह है कि इसके लिए न समय चाहिए, न स्थान, न शुद्धता की शर्त।

रोज़ 10 मिनट कीर्तन की अपील

महाराज जी हर गृहस्थ से आग्रह करते हैं कि रोज़ घर में 10 मिनट ऊँचे स्वर में कीर्तन करें "राधा राधा" या अपने इष्ट का नाम। वे कहते हैं, "मैं तुम्हारा हो गया हूँ; तुमने मुझे जीत लिया है।" भगवान स्वयं नाम जप करने वाले के ऋणी हो जाते हैं।

आज की ताजा खबर 16 अगस्त LIVE: एक क्लिक में पढ़ें दिनभर की सारी बड़ी खबरें

राजस्थान के सरकारी स्कूलों में मीडिया की नो एंट्री! फोटो-वीडियो पर भी लगा बैन, नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई

आचार्य प्रमोद कृष्णम का कांग्रेस पर बड़ा हमला, बोले- राहुल गांधी पाकिस्तान के राष्ट्रपति जैसे

Tamil Nadu NEET Protest: विधानसभा के नए प्रस्ताव के बावजूद चेन्नई में NEET के खिलाफ प्रदर्शन जारी

JPSC-JSSC पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का फूटा गुस्सा, हेमंत सोरेन के साथ राहुल-तेजस्वी का भी फूंका पुतला