दशा माता (सौ. Gemini) 
धर्म

आज रखा जा रहा है दशा माता का व्रत! जानिए क्यों किया जाता है यह व्रत, क्या है पूजा विधि और धार्मिक महत्व

Dasha Mata Vrat Benefits: चैत्र कृष्ण दशमी पर रखा जाने वाला दशा माता व्रत महिलाओं के लिए खास माना जाता है। इस दिन पूजा और व्रत करने से परिवार की दशाएं सुधरने और सुख-समृद्धि बढ़ने की मान्यता है।

सीमा कुमारी

Dasha Mata Vrat Date: आज दशा माता का व्रत है। यह व्रत हर साल चैत्र नवरात्रि से पहले मनाया जाता है। सनातन धर्म में इस व्रत का विशेष महत्व बताया गया है। शास्त्रों के अनुसार, चैत्र मास के कृष्णपक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाने वाला व्रत दुख-दुर्भाग्य को दूर करने वाली दशा माता की पूजा और व्रत के लिए समर्पित है।

दशा माता- सुख-सौभाग्य और समृद्धि की देवी

धर्म शास्त्रों के अनुसार, इस दिन सुहागिन महिलाएं दुख-दरिद्रता को दूर करने और अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने की कामना लिए हुए दशा माता का व्रत विधि-विधान से करती है।

दशा माता का व्रत का शुभ मुहूर्त

हिंदू मान्यता के अनुसार दशा माता का व्रत चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि को रखा जाता है। वर्ष 2026 में यह पावन तिथि 13 मार्च को प्रातः 06:28 बजे से शुरू होकर पूरी रात तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर यह व्रत 13 मार्च को ही किया जाएगा। इस दिन अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:07 से 12:55 बजे तक रहेगा, जबकि विजय मुहूर्त दोपहर 02:30 बजे से 03:18 बजे तक रहेगा। इन शुभ मुहूर्तों में पूजा करने से विशेष फल मिलने की मान्यता है।

कैसे करें? दशा माता की पूजा

  • दशा माता का व्रत और पूजन करने के लिए सुहागिन महिलाओं को इस दिन सूर्योदय से पहले उठना चाहिए।
  • इसके बाद स्नान-ध्यान करके श्रद्धा और नियम के साथ दशा माता के व्रत का संकल्प लेना चाहिए।
  • इसके बाद कच्चे सूत से बने 10 तार वाले डोरे को हल्दी में रंगा जाता है और उसमें 10 गांठें लगाई जाती हैं।
  • यह डोरा विशेष रूप से पवित्र माना जाता है।
  • फिर महिलाएं पीपल के पेड़ के तने के चारों ओर कच्चा सूत लपेटते हुए 10 बार परिक्रमा करती हैं और दशा माता से सुख-समृद्धि की कामना करती हैं।
  • अंत में दशा माता के प्रतीक के रूप में तैयार किए गए 10 गांठ वाले डोरे को साधक या व्रती अपने गले में धारण कर लेते हैं।
  • ऐसी मान्यता है कि इस विधि से पूजा करने पर जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है।

दशा माता व्रत का आध्यात्मिक महत्व

हिंदू लोक मान्यता के अनुसार, हिन्दू धर्म में दशा माता का यह व्रत जीवन से जुड़े सभी कष्टों को दूर करके सुख-सौभाग्य दिलाने वाला बताया गया है। ऐसा कहा जाता है कि दशा माता के आशीर्वाद से व्यक्ति की आर्थिक दशा में सुधार होता है और उसके सभी बिगड़े काम बनने लगते है।

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