भगवान बुद्ध (Source. Pinterest) 
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Buddha Purnima:1 मई को बुद्ध पूर्णिमा, जानिए विधिवत पूजा की अपार महिमा

Buddha Purnima Mahima:धर्मग्रथों में बुद्ध पूर्णिमा का बड़ा महत्व बताया गया हैं। मान्यता है कि इस दिन किए गए अच्छे कर्मों का फल कई गुना बढ़कर मिलता है और व्यक्ति के जीवन से नकारात्मकता दूर होती हैं।

सीमा कुमारी

Buddha Purnima Puja Vidhi: वैशाख महीने में पड़ने वाली पूर्णिमा का हिंदू धर्म में बड़ा महत्व बताया गया है। यह शुभ तिथि सिर्फ हिंदू ही नहीं बल्कि बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए भी बेहद पवित्र होता है। इस बार बुद्ध पूर्णिमा 1 मई को मनाई जा रही है।

स्नान और दान-पुण्य का बड़ा महत्व

धर्मग्रथों में बुद्ध पूर्णिमा का बड़ा महत्व बताया गया हैं। इसलिए इस दिन सनातन धर्म में विश्वास रखने वाले लोग बुद्ध देव की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं और उनके उपदेशों को अपने जीवन में उतारने का प्रयास करते हैं। बुद्ध पूर्णिमा को पूरे देश में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है इस दिन लोग व्रत रखते हैं, पवित्र नदियों में स्नान करते हैं और दान-पुण्य कर जीवन में सुख-शांति की कामना करते हैं। मान्यता है कि इस दिन किए गए अच्छे कर्मों का फल कई गुना बढ़कर मिलता है और व्यक्ति के जीवन से नकारात्मकता दूर होती हैं।

स्नान-दान का शुभ समय

धर्मग्रथों में बुद्ध पूर्णिमा के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करना और दान करना बहुत पुण्यदायी माना जाता हैं।

स्नान-दान का शुभ मुहूर्त

सुबह 4:15 बजे से 4:58 बजे तक रहेगा। वहीं शाम को लगभग 6:52 बजे चंद्रमा के दर्शन होंगे ।

क्यों खास है वैशाख पूर्णिमा?

बुद्ध पूर्णिमा को वैशाख पूर्णिमा भी कहते हैं। वैशाख पूर्णिमा को चंद्रमा अपनी पूर्ण अवस्था में होता है, जिससे उसकी ऊर्जा सबसे ज्यादा प्रभावशाली मानी जाती है। ज्योतिष के अनुसार, चंद्रमा मन और भावनाओं को नियंत्रित करता है, इसलिए इस दिन किए गए उपाय जल्दी असर दिखाते हैं धार्मिक मान्यता यह भी है कि इसी दिन भगवान विष्णु ने कूर्म अवतार लिया था, इसलिए इसे कूर्म जयंती के रूप में भी मनाया जाता है।

इस दिन क्या उपाय करना होता है शुभ

  • इस दिन सत्यनारायण भगवान की कथा सुनना या करवाना शुभ होता है।
  • गरीबों को भोजन या कपड़े दान करने से पुण्य बढ़ता है।
  • भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से वैवाहिक जीवन में खुशियां आती हैं।
  • हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाने से मानसिक तनाव और नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं।

बुद्ध पूर्णिमा के नियम

बुद्ध पूर्णिमा के कुछ नियमों का पालन करना आवश्यक होता है। इस दिन झूठ बोलने से बचना चाहिए, किसी से बेवजह लड़ाई-झगड़ों से बचना चाहिए , किसी को ठेस नहीं पहुंचानी चाहिए। इस दिन धैर्य और शांति और संयमित रहकर लोगों से व्यवहार करना चाहिए।

भगवान बुद्ध की शिक्षाओं से हमें यह शिक्षा मिलती है कि असली शांति और सुख बाहर नहीं बल्कि खुद के अंदर मौजूद होती है। व्यक्ति को पहले स्वयं पर विजय करना चाहिए।

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