Narasimha Jayanti: आज नरसिंह जयंती की रात बिना किसी को बताए कर लें ये अचूक उपाय, निपट जाएंगे दुश्मन भी!

Narasimha Jayanti Secret Remedies: धर्म ग्रथों में बताया गया है कि, नरसिंह जयंती की रात बेहद प्रभावशाली होती है। अगर इस रात पूरी श्रद्धा के साथ कुछ विशेष उपाय किए जाए तो शत्रुओं से मुक्ति मिलती है।
Narasimha Jayanti upay
भगवान नृसिंह (सौ.सोशल मीडिया)
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Narasimha Jayanti Upay: हिंदू धर्म ग्रथों में नरसिंह जयंती का बड़ा महत्व बताया गया है। क्योंकि, इस दिन भगवान विष्णु ने अपने भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए खंभे को फाड़कर आधे नर और आधे सिंह के रूप में में अवतार लिया था और हिरण्यकश्यप का वध कर अधर्म का नाश और धर्म की स्थापना की।

नरसिंह जयंती की रात बेहद प्रभावशाली

धर्म ग्रथों में बताया गया है कि, नरसिंह जयंती की रात बेहद प्रभावशाली होती है। अगर इस रात पूरी श्रद्धा के साथ कुछ विशेष उपाय किए जाएं, तो न केवल गुप्त शत्रुओं का नाश होता है, बल्कि जीवन में आ रही मुश्किलें भी दूर हो जाती हैं।

नरसिंह जयंती की रात करें ये अचूक उपाय

नरसिंह कवच का पाठ

ज्योतिषयों के अनुसार, शत्रुओं के अत्यधिक भय को दूर करने के लिए नरसिंह जयंती की रात 'श्री नरसिंह कवच' का पाठ करना चाहिए। यह एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है, जिससे गुप्त शत्रु शांत होते हैं।

सरसों के तेल का दीपक

नरसिंह जयंती की रात के समय भगवान नरसिंह की प्रतिमा के सामने सरसों के तेल का एक बड़ा दीपक जलाएं। उस दीपक में थोड़े से काले तिल डाल दें। "ॐ नृं नृं नृं नरसिंहाय नमः" मंत्र का 108 बार जाप करें। इस उपाय को करने से शत्रुओं के बुरे इरादे से बचाव होता है।

लाल फूल अर्पित करें

भगवान नरसिंह को लाल रंग बहुत प्रिय है। ऐसे में रात के समय उन्हें लाल फूल अर्पित करें और साथ ही साबुत मूंग की दाल चढ़ाएं। अगले दिन इस दाल को किसी गाय को खिला दें या बहते जल में प्रवाहित कर दें। इससे कोर्ट-कचहरी के मामलों में विजय मिलती है।

करें ये काम

  • पीले फल और केसर: आर्थिक बाधाओं को दूर करने के लिए भगवान को पीले फल और केसर का तिलक लगाएं।
  • मोर पंख: अगर आप शत्रु से परेशान हैं, तो नरसिंह जयंती की पूजा में एक मोर पंख रखें और बाद में उसे अपने सिरहाने या घर के मुख्य द्वार पर लगा दें।

इन बातों का भी रखें ध्यान

भगवान नरसिंह उग्र देवता माने जाते हैं, लेकिन वे अपने भक्तों पर हमेशा कृपा बनाए रखते हैं। उनकी पूजा में सात्विकता का विशेष ध्यान रखें। पूजा के दौरान किसी के प्रति बुरा भाव न रखें, सिर्फ अपनी रक्षा की प्रार्थना करें।

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