अहोई अष्टमी पूजा थाली  फोटो.सोशल मीडिया
धर्म

अहोई अष्टमी 2026: पूजा की थाली में क्या-क्या रखें? यहां देखें पूरी सामग्री लिस्ट

Ahoi Ashtami Puja Samagri : अहोई अष्टमी 2026 की पूजा थाली में क्या-क्या रखें? जानें रोली, अक्षत, दीपक, कलश, भोग, चांदी की स्याहू माला और व्रत कथा से जुड़ी जरूरी सामग्री की पूरी लिस्ट।

सीमा कुमारी

Highlights:

  • अहोई माता का चित्र, चौकी, लाल या पीला कपड़ा, रोली, हल्दी और अक्षत रखें।

  • घी का दीपक, रुई की बत्ती, धूपबत्ती, कपूर और जल से भरा कलश तैयार करें।

  • हलवा, पूरी, मिठाई, मौसमी फल और कुछ परंपराओं में आठ मीठे पकवान चढ़ाए जाते हैं।

  • चांदी की स्याहू माला और गेहूं के दाने पूजा में रखे जा सकते हैं।

  • अहोई माता की कथा, आरती की पुस्तक, बायना की सामग्री और तारों को अर्घ्य देने के लिए जल का लोटा रखें।

Ahoi Ashtami Puja Thali : अहोई अष्टमी का त्योहार संतान की खुशहाली, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी जीवन की कामना से जुड़ा है। इस दिन माताएं अहोई माता का व्रत रखती हैं और शाम के समय विधि-विधान से पूजा करती हैं। पूजा की तैयारी करते समय अक्सर यह सवाल रहता है कि अहोई अष्टमी की थाली में कौन-कौन सी चीजें रखनी चाहिए और माता को किस तरह का भोग अर्पित किया जाता है।

अगर आप भी इस व्रत की तैयारी कर रही हैं, तो पूजा से पहले जरूरी सामग्री की यह सूची नोट कर सकती हैं।

अहोई माता की पूजा के लिए रखें ये जरूरी सामान

पूजा की शुरुआत के लिए अहोई माता का चित्र या पूजा कैलेंडर रखें। कुछ घरों में दीवार पर गेरू से अहोई माता और स्याहू की आकृति बनाने की परंपरा भी है। इसके अलावा एक साफ चौकी, लाल या पीला कपड़ा, रोली, कुमकुम, हल्दी, अक्षत यानी साबुत चावल और मौली पूजा की थाली में शामिल करें।

दीपक, धूप और कलश की व्यवस्था करें

पूजा के लिए घी या तेल का दीपक, रुई की बत्ती, धूपबत्ती, अगरबत्ती और कपूर रख लें। साथ ही साफ पानी से भरा कलश या करवा भी तैयार रखें। कई परिवारों में करवा चौथ के करवे का इस्तेमाल अहोई अष्टमी की पूजा में भी किया जाता है। कलश के पास फूल और फूलों की माला रख सकती हैं।

अहोई माता को चढ़ाने के लिए क्या रखें भोग?

भोग की तैयारी में हलवा, पूरी, मिठाई और मौसमी फल शामिल किए जा सकते हैं। कुछ क्षेत्रों में आठ पूड़ी या आठ मीठे पकवान चढ़ाने की परंपरा है। इसके अलावा सिंघाड़ा, मूली और अन्य मौसमी फल भी रखे जाते हैं। भोग की सामग्री परिवार की परंपरा के अनुसार अलग हो सकती है।

चांदी की स्याहू माला और गेहूं के दाने

अहोई अष्टमी की पूजा में चांदी की अहोई या स्याहू माला का भी विशेष महत्व माना जाता है। कुछ परिवारों में इसे मोतियों के साथ धागे में पिरोकर पूजा में रखा जाता है। व्रत कथा सुनते समय गेहूं के दाने रखने की परंपरा भी कई जगह प्रचलित है।

व्रत कथा, आरती और बायना के लिए सामान

पूजा के समय अहोई माता की व्रत कथा की पुस्तक और आरती की तैयारी रखें। इसके साथ बायना के लिए मिठाई, फल, कपड़े या दक्षिणा भी अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार रख सकती हैं। तारों को अर्घ्य देने के लिए एक अलग लोटे में जल तैयार रखें।

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