

Highlights:
दिवाली पर मां लक्ष्मी और गणेश जी की नई मूर्ति खरीदने की परंपरा है।
बाजार में मिट्टी, पीतल और संगमरमर की मूर्तियां मिलती हैं।
मूर्ति खरीदते समय उसकी बनावट और रंग अच्छी तरह देखें।
घर की जगह और बजट के हिसाब से मूर्ति खरीदें।
मूर्ति रखते समय अपने घर की पूजा परंपरा का ध्यान रखें।
Lakshmi Ganesh Murti Kharidne Ke Tips: दीवाली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। इस अवसर पर कई परिवार घर के मंदिर के लिए नई मूर्तियां खरीदते हैं। बाजार में मिट्टी, पीतल, संगमरमर और दूसरी सामग्रियों से बनी कई तरह की मूर्तियां मिलती हैं।
दिवाली की पूजा के लिए लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति कैसी होनी चाहिए और इसे खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के साथ मूर्ति की गुणवत्ता और अपनी पसंद को ध्यान में रखकर सही विकल्प चुना जा सकता है।
हिंदू परंपरा में मां लक्ष्मी को धन और समृद्धि की देवी, जबकि भगवान गणेश को बुद्धि और शुभारंभ का प्रतीक माना जाता है। इसी वजह से दिवाली की पूजा में दोनों की आराधना साथ की जाती है। मूर्ति खरीदते समय आप ऐसा स्वरूप चुन सकते हैं, जो पारंपरिक हो और आपको पूजा के लिए उपयुक्त लगे। कई परिवार मां लक्ष्मी की कमल पर विराजमान और भगवान गणेश की शांत मुद्रा वाली मूर्ति पसंद करते हैं।
दिवाली पर मिट्टी की मूर्तियां खरीदने की परंपरा काफी प्रचलित है। इनके अलावा पीतल, पत्थर और अन्य सामग्रियों से बनी मूर्तियां भी उपलब्ध होती हैं। खरीदारी करते समय अपनी पसंद, बजट और मूर्ति को भविष्य में संभालकर रखने की सुविधा पर विचार करें। मिट्टी की मूर्ति लेते समय उसकी बनावट और रंग की गुणवत्ता जांचें, ताकि वह आसानी से टूटे नहीं।
मूर्ति खरीदने से पहले घर के मंदिर में उपलब्ध जगह को ध्यान में रखें। बहुत बड़ी मूर्ति लेने के बजाय ऐसा आकार चुनें, जिसे आसानी से स्थापित किया जा सके। मूर्ति के हाथ, आभूषण, चेहरे और अन्य सजावटी हिस्सों को ध्यान से देखें। यदि मूर्ति पर रंग किया गया है, तो यह भी जांच लें कि रंग ठीक से लगा हो और कहीं से उतर न रहा हो।
कई परिवारों में लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति स्थापित करते समय दिशा और उनके बैठने के स्वरूप से जुड़ी पारंपरिक मान्यताओं का ध्यान रखा जाता है। इन रीति-रिवाजों में क्षेत्र और परिवार के अनुसार अंतर हो सकता है। इसलिए अपनी पारिवारिक परंपरा के मुताबिक मूर्ति चुन सकते हैं। किसी अलग स्वरूप को अशुभ मानकर चिंता करने की जरूरत नहीं है।
मूर्ति घर लाने के बाद उसे साफ स्थान पर रखें और पूजा की तैयारी करें। दिवाली के दिन परिवार की परंपरा के अनुसार विधिपूर्वक स्थापना करके मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करें। पूजा सामग्री पहले से तैयार रखने से आयोजन आसान हो जाता है। सबसे जरूरी है कि मूर्ति खरीदते समय श्रद्धा, सुविधा और अपने बजट का ध्यान रखें।