Hartalika Teej Puja Rules : सोमवार, 14 सितंबर को हरतालिका तीज का व्रत रखा जाएगा। हरतालिका तीज का पर्व अखंड सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन से जुड़ा महापर्व है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र, सुखी वैवाहिक जीवन और अखंड सौभाग्य की कामना के साथ निर्जला व्रत रखती है। वैसे तो इस व्रत के नियम बहुत साधारण हैं, लेकिन इस दिन छोटी चूक से भी पूजा अधूरी रह सकती है। ऐसे में आइए जानते है इस दिन किन गलतियों से बचना जरूरी है।
इस दिन काले या अत्यंत गहरे रंग के कपड़ों से परहेज करना चाहिए। इसके बजाय लाल, हरे या पीले रंग के शुभ वस्त्र पहनना अखंड सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।
हरतालिका तीज पर सुहागिन महिलाओं के पूरे दिन व्रत रखते हुए शांत रहना चाहिए। इस दिन परिवार के सदस्य या फिर किसी बाहरी व्यक्ति के साथ वाद-विवाद या क्रोध करने से बचना चाहिए। मन में किसी भी तरह का नकारात्मक भावना नहीं आनी चाहिए।
हरतालिका तीज व्रत के दिन अनाज का सेवन करने की मनाही होती है। साथ ही, इस दिन व्रती को फल भी नहीं खाने चाहिए। ऐसी मान्यता है कि हरतालिका तीज पर फल खाने से अगला जन्म बंदर का होता है।
हरतालिका तीज अगले दिन व्रत का पारण करते समय तामसिक भोजन करने से बचना चाहिए। ऐसा करना शुभ नहीं माना जाता है।
शास्त्रों के अनुसार, भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा पाने के लिए इस दिन सोने से भी बचना चाहिए। खाली समय में भगवान शिव और माता पार्वती का स्मरण, भजन, मंत्र और जाप करें।
इस दिन विधि-विधान से पूजा के बाद के बाद कथा सुनना ना भूलें। पूजन के दौरान हरतालिका तीज की व्रत कथा का पाठ करना विशेष रूप से फलदायी मना जाता है।
शास्त्रों में ये भी बताया गया है कि इस दिन व्रती को अपने से बड़े-बजुर्गों सहित छोटों का भी अपमान नहीं करना चाहिए। इससे आपको अपने व्रत का फल नहीं मिलता है।