राजस्थान में मासूम की मौत (सौजन्य-सोशल मीडिया) 
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राजस्थान की स्कूल में खौफनाक हादसा! 8 साल के मासूम पर गिरा भारी गोलपोस्ट; इकलौते बेटे की लाश देख पिता बेहोश

Rajasthan Student Death Goalpost: राजस्थान के सेंट एंथनी स्कूल में बड़ा हादसा! तीसरी कक्षा के छात्र पर गिरा गोलपोस्ट, सिर में चोट लगने से मौत। स्कूल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप, जांच शुरू।

प्रिया जैस

Rajasthan School Goalpost: राजस्थान के सेंट एंथनी स्कूल में सोमवार को हैंडबॉल खेलते समय गोलपोस्ट (Goalpost) गिरने से आठ साल के एक छात्र की मौत हो गई, जिससे पूरे शहर में शोक और दुख की लहर दौड़ गई। इस घटना से स्कूल में हड़कंप मच गया। यह घटना दोपहर करीब 12:30 बजे गोवर्धन विलास पुलिस स्टेशन के इलाके में हुई। तीसरी कक्षा के छात्र महार्थ राज सिंह को गंभीर चोटें आईं, जब स्कूल के मैदान में खेलते समय गोलपोस्ट उन पर गिर गया।

पुलिस ने इस मामले की जांच की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बच्चा अन्य छात्रों के साथ हैंडबॉल गोलपोस्ट से लटका हुआ था, तभी अचानक गोलपोस्ट टूट गया। वह अपना संतुलन खो बैठा और गोलपोस्ट सीधे उसके सिर पर जा गिरा। शिक्षकों ने उसे तुरंत MB अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने आपातकालीन इलाज शुरू किया। हालांकि, दोपहर करीब 2:00 बजे चोटों के कारण उसकी मौत हो गई।

खबर सुनते ही बेहोश हुए पिता

महार्थ अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। बताया जा रहा है कि अस्पताल में अपने बच्चे को देखकर उसके पिता, देवेंद्र पाल सिंह चौहान, बेहोश हो गए और फिलहाल उनका इलाज चल रहा है। इसके बाद परिवार को सूचित किया गया और बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए मुर्दाघर में रखवा दिया गया। असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर प्रताप सिंह ने बताया कि बच्चा RK पुरम, तिताराडी का रहने वाला था और उसके पिता रियल एस्टेट सेक्टर में काम करते हैं।

स्कूल के प्रिंसिपल विलियम डिसूजा ने बताया कि यह घटना स्पोर्ट्स सेशन के दौरान हुई। उन्होंने कहा कि स्टाफ को सूचना मिली कि खेलते समय एक बच्चा घायल हो गया है, और उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया। स्टाफ ने CPR देने की कोशिश की, और डॉक्टरों ने भी उसे बचाने की हर संभव कोशिश की।

स्कूल की सुविधाओं पर उठे सवाल

घटना के बाद, मृतक के रिश्तेदार और करणी सेना के सदस्य अस्पताल के मुर्दाघर के बाहर जमा हो गए और स्कूल प्रशासन की कथित लापरवाही को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त कीं। रिश्तेदारों और निजी स्कूल संघों के प्रतिनिधियों के बीच तीखी बहस भी हुई। परिवार ने स्कूल के सुरक्षा उपायों पर सवाल उठाए और जवाबदेही की मांग की।

परिवार और स्कूल अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद, शव रिश्तेदारों को सौंप दिया गया। अंतिम संस्कार परिवार के पैतृक गांव, बांसवाड़ा जिले के उंबाड़ा में किया जाएगा। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या स्कूल के सुरक्षा प्रोटोकॉल में कोई लापरवाही हुई थी।

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