Punjabi Influencer Manjeet Kaur Death: सोशल मीडिया पर अपने वीडियो से लाखों दिलों को जीतने वाली 28 वर्षीय पंजाबी इन्फ्लुएंसर मंजीत कौर अब हमारे बीच नहीं रहीं। पंजाब के मोरिंडा में हुई एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली वारदात के बाद, पिछले 54 दिनों से अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहीं मंजीत कौर ने आखिरकार दम तोड़ दिया। इस दुखद मामले में पुलिस ने हत्या और अपहरण का केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
मंजीत कौर सोशल मीडिया पर एक जाना-माना चेहरा थीं। इंस्टाग्राम पर उनके लगभग 1.46 लाख फॉलोअर्स थे, जहां वे पंजाबी और हरियाणवी गानों पर आधारित शानदार वीडियो पोस्ट करती थीं। उनके प्रशंसक उनकी रील्स और वीडियो को काफी पसंद करते थे, लेकिन कोई नहीं जानता था कि इस चमकती दुनिया के पीछे उनके साथ इतनी बर्बर वारदात को अंजाम दे दिया जाएगा।
यह पूरी वारदात 3 जुलाई की है। मंजीत की मां द्वारा पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, मंजीत को उनके ही दो परिचितों, शुभी और पिंडा ने चंडीगढ़ के सेक्टर 34 में एक शराब की दुकान के पास बुलाया था। वहां से आरोपियों ने कथित तौर पर उनका अपहरण कर लिया और उन्हें पंजाब के मोरिंडा ले गए। मोरिंडा में मंजीत के साथ पहले बेरहमी से मारपीट की गई, फिर उन्हें एक पेड़ से बांधकर आग के हवाले कर दिया गया।
जब मंजीत को आग लगाई गई, तो उनकी एक सहेली समय पर मौके पर पहुंच गई और कंबल की मदद से किसी तरह आग पर काबू पाया। इसके बाद उन्हें तुरंत मोरिंडा के एक स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। हालत अत्यंत गंभीर होने के कारण उन्हें पहले मोहाली के एक प्राइवेट अस्पताल और फिर वहां से चंडीगढ़ के PGIMER (Postgraduate Institute of Medical Education and Research) में भर्ती कराया गया। पीजीआईएमईआर में करीब दो महीने तक चले इलाज के बाद आखिरकार 26 अगस्त को उन्होंने अंतिम सांस ली।
मंजीत कौर की मां ने स्थानीय पुलिस पर लापरवाही बरतने के बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि 5 अगस्त को उनकी बेटी को होश आ गया था। उन्होंने इसकी सूचना तुरंत मोहाली की खरड़ पुलिस को दी ताकि मंजीत का बयान दर्ज किया जा सके, लेकिन पुलिस बयान लेने नहीं आई। हालांकि, पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उन्होंने पीड़ित परिवार का पूरा सहयोग किया है।
चंडीगढ़ की डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (साउथ) गुरजीत कौर ने बताया कि मामले की जांच सक्रियता से की जा रही है। पुलिस हमलावरों का पता लगाने के लिए घटनास्थल के आसपास के CCTV फुटेज और अन्य सबूतों को खंगाल रही है। इसके साथ ही अपहरण और इस बर्बरता के पीछे की असली वजह का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) (हत्या) और 140(1) (अपहरण) के तहत मुकदमा दर्ज किया है।