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पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारी जोरो पर है
SAD आज चुनावी घोषणापत्र जारी करने जा रहा है
आप ने पहले ही लिस्ट जारी कर दी है
Punjab Legislative Election: पंजाब में विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां जोर पकड़ चुकी हैं। राज्य की 117 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल मार्च 2027 में समाप्त हो रहा है और चुनाव फरवरी-मार्च के आसपास होने की उम्मीद है। राजनीतिक दल अब सक्रिय हो गए हैं। सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) ने पहले ही अपनी उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है, जबकि शिरोमणि अकाली दल (SAD) आज चुनावी घोषणापत्र जारी करने जा रहा है।
31 अक्टूबर 2026 को AAP ने 40 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की। इसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान को धूरी सीट से दोबारा मैदान में उतारा गया है। पार्टी ने मौजूदा विधायकों पर भरोसा जताया है।
सूची में विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां (कोट कपूरा), जेल में बंद मंत्री संजीव अरोड़ा (लुधियाना वेस्ट) समेत कई प्रमुख नाम शामिल हैं। अजनाला से कुलदीप सिंह धालीवाल, अमृतसर साउथ से डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर, तरन तारन से हरमीत सिंह संधू, होशियारपुर से ब्रम शंकर शर्मा जिम्पा और करतारपुर से बलकार सिंह जैसे चेहरे भी सूची में हैं। चार महिला उम्मीदवार- नकोदर से इंदरजीत कौर मान, बालाचौर से संतोष कटारिया, मोगा से डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा और तलवंडी साबो से बलजिंदर कौर भी शामिल हैं।
AAP ने स्पष्ट किया है कि बाकी सीटों के उम्मीदवार जल्द घोषित किए जाएंगे। पार्टी 2022 में 92 सीटें जीतकर सत्ता में आई थी और अब दूसरी बार सरकार बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। दूसरी ओर, शिरोमणि अकाली दल की तैयारी भी तेज हो गई है। पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व में SAD पहले से डोर-टू-डोर अभियान चला रहा था। दल ने नवंबर 1 को पंजाब दिवस के मौके पर अपना चुनावी घोषणापत्र जारी करने की घोषणा की थी। घोषणापत्र में किसानों, युवाओं, महिलाओं, व्यापारियों और अन्य वर्गों की मांगों को जगह देने की बात कही जा रही है।
पार्टी नशा मुक्ति, कृषि संकट, बेरोजगारी और विकास जैसे मुद्दों पर फोकस कर रही है। सुखबीर बादल नवंबर 10 से बस यात्रा भी शुरू करने वाले हैं।
कांग्रेस, भाजपा और अन्य दल भी अपनी रणनीति पर काम कर रहे हैं। भाजपा ने अकेले सभी 117 सीटों पर लड़ने के संकेत दिए हैं, जबकि गठबंधन की चर्चाएं भी चल रही हैं। पंजाब की राजनीति में किसान मुद्दे, ड्रग्स, कानून-व्यवस्था और युवा रोजगार मुख्य मुद्दे बने हुए हैं।चुनाव अभी कुछ महीने दूर हैं, लेकिन दल पहले से ही मैदान में उतर चुके हैं। AAP की लिस्ट जारी होने और SAD के घोषणापत्र के साथ चुनावी माहौल गर्म हो गया है। आने वाले दिनों में अन्य दलों की भी गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है। पंजाब के मतदाता इन तैयारियों को ध्यान से देख रहे हैं।