भाजपा ने कांग्रेस पर पंजाब बाढ़ राहत का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया, फोटो- सोशल मीडिया 
पंजाब

Punjab Flood: राहत पैकेट्स पर राहुल गांधी की तस्वीर पर सियासत, भाजपा ने लगाया राजनीतिकरण का आरोप

Punjab में आई त्रासदी के बीच राहत सामग्री वितरण पर कांग्रेस और भाजपा के बीच सियासी जंग तेज हो गई है। इस बार विवाद की जड़ बनी है कांग्रेस की ओर से भेजी गई राहत सामग्री। भाजपा ने इसपर तीखा हमला बोला है।

प्रतीक पाण्डेय

Punjab Flood:  पंजाब में त्रासदी के बीच राहत सामग्री वितरण किया गया। इस पर राहुल गांधी की तस्वीरें और कांग्रेस नेताओं के बड़े-बड़े पोस्टर लगाए गए थे। अब भाजपा ने इसे “आपदा में अवसर” की राजनीति बताते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो शेयर किया जिसमें राहत सामग्री से लदे ट्रकों पर राहुल गांधी के पुराने दौरे की तस्वीरें और कांग्रेस के झंडे-पोस्टर साफ तौर पर देखे जा सकते हैं।

‘राहत नहीं, प्रचार अभियान’, भंडारी ने दागे सवाल

भंडारी ने सवाल उठाते हुए कहा, "अगर कांग्रेस का उद्देश्य वाकई राहत पहुंचाना है, तो हर पैकेट पर राहुल गांधी की तस्वीर क्यों? यह राहत नहीं, प्रचार अभियान है।" उन्होंने इसे एक सुनियोजित राजनीतिक प्रयास बताते हुए कहा कि कांग्रेस की प्राथमिकता जनता की मदद नहीं, बल्कि अपने नेताओं की ब्रांडिंग करना है।

भाजपा ने दिलाया 2013 की उत्तराखंड त्रासदी का हवाला

भाजपा नेताओं ने यह भी याद दिलाया कि 2013 में उत्तराखंड की बाढ़ के समय भी कांग्रेस ने राहत सामग्री के साथ गांधी परिवार का प्रचार करने की कोशिश की थी। उस समय करीब 500 ट्रक राहत सामग्री कई दिनों तक रास्ते में फंसे रहे थे, जिनमें से 96 ट्रक कांग्रेस हाईकमान की ओर से भेजे गए थे। ट्रकों के ड्राइवरों ने तब बताया था कि उन्हें न ईंधन मिला, न मार्गदर्शन, और राहत सामग्री प्रभावित इलाकों तक नहीं पहुंच पाई। इन घटनाओं को भाजपा ने "प्रचार की राजनीति" का उदाहरण बताया।

कांग्रेस ने रखा अपना पक्ष

फिलहाल कांग्रेस की ओर से इस विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन पार्टी के कुछ स्थानीय नेताओं का कहना है कि यह राहत सामग्री कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों के योगदान से इकट्ठा की गई है, और इस पर स्टिकर लगाना केवल “आभार व्यक्त करने और प्रेरणा देने” के उद्देश्य से किया गया।

सियासी रणनीति या नैतिक चूक?

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, किसी भी राजनीतिक दल द्वारा राहत सामग्री भेजना आम बात है, लेकिन जब उस पर नेताओं की तस्वीरें और पार्टी प्रचार जुड़ जाए, तो सवाल उठना लाजमी है। यह मामला एक बार फिर उस बहस को हवा देता है क्या मानवीय संकटों में राजनीतिक लाभ लेना नैतिक है?

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