धर्म का मान या अपमान, भाजपा विधायक की Reel से हुआ खुलासा, 'स्वास्तिक' रैंप पर चलेंगे लोग

BJP: शहर के युवा भाजपा विधायक ऊर्जावान, उत्साहित और कल्पनाशील हैं। हमेशा कुछ नई करने की सोच रखते हैं। भाजपा के होने के कारण वे हिंदू और हिंदुत्व का भी पूरा ख्याल रखते हैं। यही उनकी बड़ी ताकत भी है।
शहर के युवा भाजपा विधायक ऊर्जावान, उत्साहित और कल्पनाशील हैं। हमेशा कुछ नई करने की सोच रखते हैं। भाजपा के होने के कारण वे हिंदू और हिंदुत्व का भी पूरा ख्याल रखते हैं। यही उनकी बड़ी ताकत भी है।
स्वास्तिक रैंप (सौजन्य-नवभारत)
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Nagpur Latest News: शहर में भाजपा विधायक बड़े-बड़े गणेश पंडाल लगाते हैं, विसर्जन की तैयारी भी करते हैं। इस बार भी उन्होंने मनपा के सहयोग से चिटनीस पार्क में शानदार ‘कला’ की प्रस्तुति दे दी है। उन्होंने जिस कल्पना को यहां पर साकार किया है अगर वह भाजपा के इतर कोई पार्टी या संस्था करती तो निश्चित रूप से भाजपा बवंडर मचा देती, बवाल हो जाता।

लेकिन भाजपा विधायक की इस कृति की मनपा के बड़े से बड़े अधिकारी भी सराहना कर रहे हैं। वास्तव में उन्होंने लोगों के चलने के लिए ‘स्वास्तिक’ आकार का रैंप तैयार कराया है जो सरासर गलत और अदूरदर्शी कदम होने के साथ-साथ स्वास्तिक और हिंदू समुदाय का अपमान ही कहा जा सकता है।

स्वास्तिक पर चलेंगे लोग

पार्क में 15 विसर्जन टैंक बनाए गए हैं। इन टैंकों को अलग-अलग करने के लिए स्वास्तिक का निर्माण किया गया है। स्वास्तिक देखने में तो काफी भव्य और आकर्षक लग रहा है लेकिन सबसे दुर्भाग्य की बात यह है कि आयोजकों ने इस स्वास्तिक को ‘रैंप’ के रूप में विकसित किया है यानी लोग स्वास्तिक के ऊपर चलकर ‘कुंड’ तक पहुंचेंगे। निश्चित रूप से स्वास्तिक पर चलने से हिंदुओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ होगा और यह खिलवाड़ करने का अवसर भाजपा के युवा विधायक ने दे दिया है। आश्चर्य की बात यह है इस अवसर पर मनपा के तमाम आला अधिकारी भी उपस्थित थे और उन्होंने भी इस कृत को नहीं समझा और अपनी ‘मूक’ मंजूरी देकर वाह-वाही करनी शुरू कर दी।

कल कर सकते हैं इनकार

विधायक ने एक रील बनाई है। रील बनाने का मकसद स्वास्तिक की भव्यता, तैयारियों की झलक और जनता के हित में काम करने के प्रति समर्पण को दर्शाना था। हो सकता है कि विधायक शुक्रवार को मुकर जाएं कि स्वास्तिक केवल प्रतिकृति के रूप में तैयार किया गया है लेकिन जब रील को गौर से देखेंगे तो यह स्पष्ट होता है कई लोग तैयारियों का जायजा ही स्वास्तिक पर चलकर कर रहे हैं।

कुछ एनजीओ के लोग हैं तो कुछ मनपा के अधिकारी। इसका सीधा तात्पर्य यह है कि स्वास्तिक का अपमान गुरुवार से होना शुरू हो गया है। आज (गुरुवार) चुनिंदा लोग ‘अपमान’ कर गए, कल हजारों लोगों को ‘पाप’ का भागी बनाया जाएगा।

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