चंडीगढ़ में बंदी सिखों की रिहाई को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा और पुलिस में झड़प सोर्स- सोशल मीडिया
पंजाब

चंडीगढ़ बॉर्डर पर भारी बवाल, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले; शिअद नेता सिमरनजीत सिंह मान किए गए डीटेन

Simranjit Singh Mann Detained: चंडीगढ़ में बंदी सिखों की रिहाई को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा और पुलिस में झड़प देखने को मिली। इस दौरान मरीज बनकर पहुंचे सिमरनजीत मान को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

अमन मौर्या

Qaumi Insaaf Morcha Chandigarh Protest: चंडीगढ़ में शनिवार को बंदी सिखों की रिहाई की मांग के दौरान कौमी इंसाफ मोर्चा के सदस्यों और प्रशासन के बीच झड़प देखने को मिली। पुलिस ने आंसू गैस और वॉटर कैनन का इस्तेमाल करके प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया।

बता दें, कौमी इंसाफ मोर्चा लंबे समय से जेल में बंद सिख कैदियों की रिहाई के लिए प्रदर्शन कर रहा है। इस दौरान शिरोमणि अकाली दल के नेता और पूर्व सांसद सिमरनजीत सिंह मान को भेष बदलकर धरना स्थल पर पहुंचे।

प्रदर्शनकारियों और पुलिस में हुई झड़प

करीब तीन साल से जेल में बंद सिखों की रिहाई की मांग को लेकर निहंग जत्थेदारों ने चंडीगढ़ की ओर कूच करने का प्रयास किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए चंडीगढ़ पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके साथ ही आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। पुलिस की कार्रवाई के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

भेष बदलकर पहुंचे अकाली दल के नेता

इस बीच पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बन गई। मौके पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इसी बीच शिरोमणि अकाली दल के नेता और पूर्व सांसद सिमरनजीत सिंह मान मरीज के रूप में अपना भेष बदलकर राजभवन के पास पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें पहचान लिया और हिरासत में ले लिया गया।

बता दें, करीब तीन साल से कौमी इंसाफ मोर्चा के सदस्य मोहाली-चंडीगढ़ बॉर्डर पर धरना दे रहे हैं।

कौन से कैदियों की रिहाई की हो रही है मांग?

बता दें, कौमी इंसाफ मोर्चा के सदस्य जिन सिख बंदियो की रिहाई की मांग कर रहे हैं, उनमें जगतार सिंह तारा, परमजीत सिंह भ्योरा, जगतार सिंह हवारा, बलवंत सिंह राजोआना, देविंदरपाल सिंह भुल्लर, गुरमीत सिंह, शमशेर सिंह, गुरदीप सिंह खेड़ा और लखविंदर सिंह लक्खा के नाम शामिल हैं।

इनमें से अधिकांश कैदी हत्या और आतंकवाद जैसे संगीन मामलों में काफी लंबे समय से जेल में बंद हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ये सभी अपनी सजा पूरी कर चुके हैं, इसके बाद भी जेल में बंद हैं, इसलिए तुरंत रिहा किया जाना चाहिए।

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