बादलों से घिरी सिक्किम की खूबसूरत वादियां (फोटो सोर्स-Pinterest)
नामची: सिक्किम के सोलोफोक पहाड़ी पर स्थित भारत के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है। सिद्धेश्वर धाम के नाम से जाना जाने वाला ये स्थल आकर्षण का केंद्र है। यहां पर भगवान शिव की एक ऊंची प्रतिमा है। इस स्थान की खास बात है, कि इस स्थान का नाम महाकाव्य महाभारत में भी वर्णित है।लाचुंग और युमथांग घाटी: सिक्किम में फूलों की घाटी के लिए प्रसिद्ध युमथांग घाटी मंगन जिले में स्थित है। हिमालय की गोद में स्थित घास के मैदानों, नदी, गर्म झरनों के लिए फेमस है। यहां पर रोडोडेंड्रोन की कम से कम 24 प्रजातियां पाई जाती है। तीस्ता नदी की एक सहायक नदी इस घाटी से होकर गुजरती है। ये घाटी बसंत के मौसम में फूलों से घिरी रहती है।त्सोंमगो झील: सिक्किम की सबसे सुंदर और खूबसूरत जगहों में से एक है। जिसे चांगू लेक भी कहा जाता है। ये स्थान गंगटोक से लगभग 38-40 किलोमीटर दूर है। यहां की चांगू लेक अपने पानी का रंग बदलने के लिए प्रसिद्ध है। इस जगह पर आप याक की सवारी का भी अनुभव ले सकते है। यह झील सिक्किम के लोगों के लिए रक्षक देवताओं का स्थान माना जाता है।गंगटोक: हिमालय की गोद में बसा एक ऐसी जगह जहां शांत और मनमोहक स्थान है। गंगटोक में हनुमान टोक जो भगवान हनुमान को समर्पित है, गणेश टोक ये रंग-बिरंगा मंदिर भगवान गमेश को समर्पित है। ये दोनों जगह शांत वातावरण, अनोखी वास्तुकला और मनमोहक दृश्य के लिए प्रसिद्ध है। पेलिंग स्काईवॉक: सिक्किम के पश्चिमी जिले में स्थित पेल्लिंग में चेनरेज़िग प्रतिमा और स्काईवॉक के लिए आकर्षण का केंद्र है। इसमें बोधिसत्व चेनरेज़िग की 135 फीट ऊंची प्रतिमा है। जो विश्व की चेनरेज़िग स्टेच्यू में सबसे ऊंची है। यहां पर भारत का सबसे पहला पारदर्शी स्काईवॉक है।