सलमान खान (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
फिल्म मेकर और बिजनेसमैन शैलेंद्र सिंह ने कहा है कि एक दौर में जब भारत में बालों के झड़ने को रोकने और नए बाल उगाने के लिए इस्तेमाल होने वाली पीआरपी थेरेपी गैरकानूनी मानी जाती थी, तब भी दबंग खान इसका सहारा ले रहे थे। शैलेंद्र सिंह ने बताया कि सालों पहले जब वे एक बिजनेस मीटिंग के सिलसिले में सलमान खान के घर गए थे, तब सलमान बड़े चाव से बिरयानी का लुत्फ उठा रहे थे। तभी अचानक पीछे से दस्ताने पहने हुए एक शख्स आया, जिसने एक सुई निकाली और सीधे सलमान के सिर की स्कीन में लगाने लगा। शैलेंद्र हैरानी देखकर सलमान मुस्कुराए और बेहद शांत अंदाज में बोले कि सुपरस्टार बनने के लिए कई बार बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है। उस समय हुए पूरे वाकये की गहराई में जाते हुए शैलेंद्र सिंह ने साफ किया कि वह प्रक्रिया असल में प्लेटलेट-रिच प्लाज्मा यानी पीआरपी थेरेपी थी। बता दें कि इस इलाज के तहत मरीज के अपने ही शरीर से खून निकालकर लैब्रोरेटरी में प्रोसेस किया जाता है और फिर उसे सिर की स्कीन में इंजेक्ट किया जाता है, जिससे बालों की ग्रोथ बेहतर हो सके। फिल्ममेकर के अनुसार उस दौर में इस मेडिकल प्रोसीजर को भारत में कानूनी मंजूरी नहीं मिली थी। इसके बावजूद कई नामचीन हस्तियां इस ट्रीटमेंट के लिए एक खास क्लिनिक और डॉक्टर के संपर्क में रहते थे, ताकि वे अपने लुक को बरकरार रख सकें।