प्रोटीन पाउडर और प्रोटीन बार सुविधाजनक विकल्प हैं, लेकिन पैकेट पर लिखी प्रोटीन की मात्रा ही गुणवत्ता का पैमाना नहीं है। सामग्री और सुरक्षा की जानकारी भी जरूर देखें। व्हे, सोया, मटर और चावल जैसे स्रोतों से बने प्रोटीन में खेती या निर्माण प्रक्रिया के दौरान भारी धातुओं, कीटनाशक अवशेष या अन्य दूषित पदार्थ पहुंचने की संभावना हो सकती है। अगर किसी प्रोडक्ट पर Third-Party Tested लिखा है, तो इसका मतलब है कि निर्माता से अलग किसी फ्री-लैब या संस्था ने उसकी जांच की है। इसमें सामग्री, लेबल और संभावित कंटैमिनेंट्स की जांच शामिल हो सकती है।सप्लीमेंट की स्वतंत्र जांच जरूर देखें। जिस प्रोटीन पाउडर या बार की गुणवत्ता की जांच निर्माता से अलग किसी स्वतंत्र संस्था ने की हो, उसे प्राथमिकता दी जा सकती है। लेकिन प्रमाणन न होने का मतलब यह नहीं कि उत्पाद असुरक्षित है।प्रोटीन बार यात्रा या वर्कआउट के बाद सुविधाजनक स्नैक हो सकता है, लेकिन इसे रोजाना के पौष्टिक भोजन का विकल्प नहीं बनाना चाहिए। कई बार इनमें अतिरिक्त चीनी, कृत्रिम स्वीटनर और ज्यादा प्रोसेस्ड सामग्री हो सकती है। प्रोडक्ट खरीदने से पहले इंग्रीडिएंट लिस्ट, प्रोटीन की मात्रा, एडेड शुगर, एक्सपायरी और मैन्युफैक्चरिंग डेट जरूर जांचें। पैकेट की सील भी अच्छी तरह देखें। दूध, दही, दाल, बीन्स, टोफू, नट्स, अंडे और अन्य प्रोटीन स्रोतों से शरीर को प्रोटीन के साथ कई दूसरे पोषक तत्व भी मिलते हैं। इसलिए सप्लीमेंट को संतुलित डाइट का विकल्प नहीं, जरूरत के अनुसार एक अतिरिक्त स्रोत मानना बेहतर है।