मिसिंग लिंक टनल (सोर्स: सोशल मीडिया)
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने यशवंतराव चव्हाण मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर बने मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट का लोकार्पण किया।इस अवसर पर मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोसले, मंत्री भरत गोगावले, मंत्री आदिती तटकरे, राज्यमंत्री माधुरी मिसाल, राज्यमंत्री मेघना बोर्डीकर, सांसद सुनील तटकरे, सांसद श्रीरंग आप्पा बारणे एवं अन्य मान्यवर उपस्थित थे। यह परियोजना आधुनिक इंजीनियरिंग कौशल का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसे घाट अनुभाग से होकर गुजरने वाली घुमावदार और खतरनाक यात्रा को कम करने के लिए एक सीधा, तेज़ और सुरक्षित मार्ग प्रदान करने के उद्देश्य से डिज़ाइन किया गया है। परिणामस्वरूप, यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा, साथ ही इससे ईंधन की भी काफी बचत होगी और पर्यावरण को भी लाभ मिलेगा।मिसिंग लिंक अब महाराष्ट्र की नई कनेक्टिंग लिंक है। यह बात मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कही है। उन्होंने इसके लोकार्पण के बाद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के साथ मिसिंग लिंक पर सफर किया और कहा कि मुंबई-पुणे कनेक्टिंग लिंक से होकर एक सफर, जो महाराष्ट्र को एक नए क्वांटम कॉरिडोर की ओर तेजी से आगे बढ़ा रहा है।मुंबई–पुणे मिसिंग लिंक परियोजना न केवल यात्रा की दूरी और समय को कम कर ट्रैफिक जाम की समस्या को दूर करेगी बल्कि 70,000 करोड़ रुपए की अर्थव्यवस्था तैयार करने का काम करेगी।मुंबई-पुणे के बीच यात्रा को रोमांचक बनाने वाले 13.3 किमी लंबे इस मिसिंग लिंक पर देश का सबसे ऊंचा 180 मीटर का केबल स्टे ब्रिज बनाया गया है। सह्याद्रि के दो पर्वतों के बीच बना यह केबल स्टे ब्रिज इंजीनियरिंग का शानदार मॉडल है। दो दुर्गम पहाड़ों को जोड़ने वाले इस ब्रिज को बनाने में उन्नत इंजीनियरिंग का सहारा लिया गया। इसके साथ ही यहां 23.3 मीटर की दोहरी सुरंग बनाई गई है। महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल (MSRDC) के माध्यम से देश की प्रमुख स्वदेशी कंपनी एफकॉन्स ने इन आइकॉनिक केबल स्टे ब्रिज का निर्माण किया है। इसके लिए इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में स्थान मिला है।मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने यशवंतराव चव्हाण मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे की क्षमता विस्तार परियोजना के तहत 'मिसिंग लिंक' प्रोजेक्ट के हिस्से के रूप में, लोनावला क्षेत्र में निर्मित 22.33 मीटर चौड़ी दुनिया की सबसे चौड़ी भूमिगत सुरंग के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा प्रदान किया गया प्रमाण पत्र स्वीकार किया।मिसिंग लिंक के केबल स्टे ब्रिज एवं सड़क सुरंग का लोकार्पण मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे एवं उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के हाथों हुआ। इस समारोह में सार्वजनिक निर्माण मंत्री शिवेंद्र राजे भोसले, राज्य मंत्री मेघना साकोरे-बोर्डिकर, मंत्री अदिति तटकरे, मंत्री भरत गोगावले, माधवीताई मिसाल, सांसद सुनील तटकरे, श्रीरंग बारने, अपर मुख्य सचिव मिलिंद मैहसकर, अतिरिक्त मुख्य सचिव मनीषा मैहस्कर, MSRDC के उपाध्यक्ष अनिल कुमार गायकवाड़, एफकॉन्स कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।