संजय दत्त और मान्यता दत्त (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
बॉलीवुड की गलियों में संजय दत्त और मान्यता के रिश्ते ने उस समय तहलका मचा दिया था जब दोनों ने अचानक 7 फेरे ले लिए। 7 फरवरी 2008 को गोवा के एक निजी समारोह में दोनों शादी के पवित्र बंधन में बंध गए। यह संजय दत्त की तीसरी शादी थी, जिसकी वजह से सोशल मीडिया पर काफी चर्चा होने लगी। कई लोगों ने इस रिश्ते की नीयत पर सवाल उठाए, तो कई लोगों ने मान्यता पर कई तरह के तंज कसे। खबरों के मुताबिक, संजय दत्त का परिवार शुरुआत में मान्यता को पूरी तरह स्वीकार नहीं कर पाया था। यहां तक कि पति की बहनों के साथ भी उनके रिश्ते सामान्य नहीं हो सके। एक तरफ ससुराल का खिंचाव था, तो दूसरी तरफ आम लोग मान्यता को गोल्ड डिगर कहकर ट्रोल कर रहे थे। इस तरह के माहौल ने उनके धैर्य का कड़ा इम्तिहान था।लगातार हो रही आलोचनाओं और बयानों से तंग आकर आखिरकार मान्यता ने अपनी चुप्पी तोड़ी। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने अपने अधिकारों की बात बहुत ही कड़े और सीधे शब्दों में रखी।मान्यता ने साफ कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि उनका अतीत क्या रहा है या वे कौन हैं। एक पत्नी होने के नाते अपने पति के साथ रहने और अपने अधिकारों की रक्षा करने का उन्हें पूरा हक है।