अयोध्या का भगवान राम मंदिर (फोटो सोर्स- AI)
केरल के गुरुवायूर मंदिर में स्थानीय फंड ऑडिट विभाग की जांच रिपोर्ट में मंदिर के खजाने से श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर में चढ़ाए गए सोने-चांदी के करीब 25 करोड़ की कीमती वस्तुओं के गायब होने का खुलासा हुआ था।तमिलनाडु के पलानी स्थित इडुम्बन मंदिर में मई 2026 में मंदिर के नए कार्यकारी अधिकारी ने चार्ज संभालते ही स्टॉक का वेरिफिकेशन किया। वेरिफिकेशन में तिजोरी में रखे सोने और सरकारी खातों में बड़ा अंतर सामने आया। जांच में भक्तों द्वारा चढ़ाया गया करीब 52 ग्राम का चांदी का पवित्र भाला और लगभग 142 ग्राम सोना गायब मिला।कनक दुर्गा मंदिर में नकली सोने से असली आभूषणों के अदला-बदली की खबर सामने आई थी। मार्च, 2026 में दान पेटी की गिनती के समय काउंटिंग रूम से ऐसा मामला सामने आने के बाद पुलिस ने कुछ कर्मचारियों और सेवादारों को मौके पर ही दबोच लिया।साल 2018 में तमिलनाडु पुलिस ने पलानी मुरुगन मंदिर पर चौंकाने वाला खुलासा किया था। आरोप था कि साल 2003-04 में भगवान मुरुगन की मूर्ति बनाने के लिए भक्तों द्वारा 200 किलो सोना दान दिया गया था, लेकिन मूर्ति बनाने में तय मानक के हिसाब से सोने का इस्तेमाल नहीं होने की बात सामने आई थी। इस मामले में मूर्तिकारों समेत कई बड़े सरकारी अधिकारियों पर कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी की गई थी।मुंबई की प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर में मार्च, 2026 में सीसीटीवी कैमरे की रूटीन जांच में सुबह के समय पुजारियों के कक्ष में रखे गए दान पेटी के पास मंदिर के कुछ कर्मचारी संदिग्ध गतिविधियां करते पकड़े गए थे।साल 2018 में विश्व प्रसिद्ध पुरी जगन्नाथ मंदिर से रत्न भंडार के अंदरूनी कक्ष की चाबियां गायब होने की खबर सामने आई थी। इसके बाद देशभर में बवाल मच गया था। इसके बाद, हाईकोर्ट के आदेश के बाद जब साल 2024 और 2025 में दशकों बाद दोबारा रत्न भंडार खोला गया, तो वहां से कई प्राचीन और असली सोने के आभूषण में हेरफेर की बात सामने आई।केरल स्थित श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर में मई 2026 में केरल पुलिस की खुफिया रिपोर्ट लीक हुई थी। रिपोर्ट में मंदिर के कुप्रबंधन और सुरक्षा में बड़ी चूक की बात सामने आई थी। साथ ही मंदिर के गर्भगृह से बहुमूल्य हीरा जड़ित भगवान का आभूषण 'वैरा नामा' और श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाया गया करीब 78 ग्राम सोना और कई महीनों से गायब है।आंध्र प्रदेश के तिरुपति बालाजी मंदिर में हाल ही में करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाला काफी चर्चा में था। आरोप है कि इन पैसों को रियल एस्टेट में लगाया गया था। मामला सामने आने के बाद आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद CID जांच हो रही है।