हनुमान अंश के 11 गाने प्रतीकात्मक तस्वीर, सोर्स: AI
फिल्म का चर्चित भजन 'मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान' सुनील लोधी ने गाया है। उनकी आवाज में भक्ति और समर्पण का भाव गीत को खास बनाता है। इस गाने ने सुनील लोधी को भी व्यापक पहचान दिलाई है।'पार्वती' गीत की खासियत इसका बुंदेली अंदाज है। इसमें माता पार्वती की भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा और प्रेम को दिलचस्प तरीके से पेश किया गया है। गीत में पार्वती के दृढ़ संकल्प और शिव को पति के रूप में स्वीकार करने की भावना दिखाई देती है।'आवागमन' भी साधु तिवारी की आवाज में है। गीत फिल्म के आध्यात्मिक माहौल को आगे बढ़ाता है और जीवन, यात्रा तथा आत्मिक अनुभूति जैसे भावों से जुड़ता है। यह फिल्म के शुरुआती संगीत का महत्वपूर्ण हिस्सा है।'सासा हाले' को साधु तिवारी और गुरु गोरक्ष नाथ ने प्रस्तुत किया है। यह गीत भी फिल्म के आध्यात्मिक वातावरण को मजबूत करता है। पारंपरिक भाव और लोक रंग के मेल से यह गाना साउंडट्रैक को अलग पहचान देता है।
'बजरंग बांका' साधु तिवारी की आवाज में पेश किया गया है। नाम से ही स्पष्ट है कि गीत का केंद्र भगवान हनुमान और उनकी भक्ति है। फिल्म के संगीत में यह गीत हनुमान जी के प्रति श्रद्धा और जोश का रंग जोड़ता है।'राम भजन की ओर' को निवेदिता पद्मनाभन और ऋषि पाठक ने आवाज दी है। यह गीत श्रोताओं को राम भक्ति की ओर ले जाने वाला भाव प्रस्तुत करता है। इसकी धुन फिल्म के आध्यात्मिक माहौल के साथ सहज रूप से जुड़ती है।'हे खरारी' को साधु तिवारी ने गाया है। यह गीत आत्मबोध और श्रीराम की भक्ति के भाव को सामने रखता है। ‘खरारी’ शब्द का संबंध रामायण के पात्र खर से है और इसका भाव श्रीराम की ओर संकेत करता है।'जय हनुमान' को श्रेयस धर्माधिकारी और ऋषि पाठक ने प्रस्तुत किया है। गीत में संत कवि समर्थ रामदास की रचना का भी योगदान है। यह ट्रैक हनुमान भक्ति को ऊर्जावान संगीत के साथ सामने लाता है।'सियावर रामचंद्र की जय' को शांतनु सुदामे और धीरेंद्र मुलकलवार ने प्रस्तुत किया है। इस गीत को लेकर संगीतकार धीरेंद्र मुलकलवार ने बताया कि शुरुआत में यह फिल्म के लिए सिर्फ बैकग्राउंड म्यूजिक के तौर पर सोचा गया था, लेकिन बाद में इसे पूरा गीत बनाया गया।'वैष्णव जन तो' को ऋषि पाठक ने आवाज दी है। यह प्रसिद्ध भजन संत कवि नरसी मेहता से जुड़ा है और महात्मा गांधी के प्रिय भजनों में भी शामिल रहा है। फिल्म में इसे नए संगीत संयोजन के साथ प्रस्तुत किया गया है।एल्बम का अंतिम गीत 'हृदय में जिनके सियाराम' है, जिसे विशाल चतुर्वेदी ने प्रस्तुत किया है। छोटा लेकिन भावपूर्ण यह गीत साउंडट्रैक को राम भक्ति के शांत और भावुक रंग के साथ पूरा करता है।