दादा-दादी फोटो.सोशल मीडिया
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Grandparents Day: दादा-दादी के बचपन के ये 6 खेल आज बच्चों को जरूर खिलाएं, हर खेल में छुपी है जीवन की सीख

Grand Parents Day Special: सभी छोटे बच्चों को मन में हमेशा यह बात आती है कि क्या उनके दादा-दादी या नाना-नानी भी कभी बच्चे थे? जब वो बच्चे थे, तो कौन सा खेल खेलते थे? आइए जानते है।

रीता राय सागर
कंचों का खेल कभी बच्चों के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ करता था। दादा-दादी से जानें कि वे बचपन में इसे कैसे खेलते थे। बच्चों को यह खेल हाथ-आंख के तालमेल और निशाना लगाने का मजेदार अनुभव सीखाता था।
लट्टू चलाना आज के बच्चों के लिए बिल्कुल नया अनुभव हो सकता है। अगर दादा-दादी इसे बचपन में खेल चुके हैं, तो उनसे लट्टू चलाने का तरीका सीखें। उनकी पुरानी यादें भी ताजा हो जाएंगी और आप भी कुछ नया सीख जाएंगे।
कैरम आज भी कई घरों में मौजूद है, लेकिन बच्चों के साथ बैठकर इसे खेलने का मौका कम मिलता है। आज के दिन कैरम बोर्ड निकालें और दादा-दादी के साथ एक छोटा-सा मैच खेलें।
मोबाइल गेम्स के दौर में बच्चों को गिल्ली-डंडे जैसे पारंपरिक खेल के बारे में कम ही पता है। दादा-दादी से इसके पुराने नियम पूछें और बच्चों के साथ एक बार फिर से इसका मजा लें।
दादा-दादी या नाना-नानी से पूछिए कि बचपन में वे कौन-से खेल खेलते थे। पिट्ठू, जिसे सात पत्थर और एक बॉल से खाला जाता है। यह उन पुराने खेलों में से एक है, जिसे बच्चे आज भी दोस्तों और परिवार के साथ खेल सकते हैं।
इसके लिए किसी चीज की जरूरत नहीं, बस परिवार के लोग और गानों का शौक। दादा-दादी और नाना-नानी से उनके जमाने के पसंदीदा गाने सुनें और फिर परिवार के साथ अंताक्षरी खेलें।

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