ईशान किशन और तिलक वर्मा (सोर्स - सोशल मीडिया)
चेन्नई की तेज धूप में पसीने से तर-बतर ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने दलीप ट्रॉफी फाइनल में 334 गेंदों पर शानदार और रिकॉर्ड तोड़ने वाली 270 रनों की पारी खेलने के बाद अपना बल्ला ऊपर उठाया। 30 चौके और 7 जबरदस्त छक्के लगाकर, किशन ने न सिर्फ दोहरा शतक पूरा किया, बल्कि 2000 के बाद से दलीप ट्रॉफी फाइनल में दूसरा सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर भी बनाया। साउथ जोन के खिलाफ चेपॉक में 8 घंटे से ज्यादा समय तक संघर्षपूर्ण बल्लेबाजी करके राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचने वाली ये तस्वीर, फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में उनकी शानदार वापसी को दिखाती है।15 साल का सेंसेशन, ईस्ट जोन के युवा उप-कप्तान वैभव सूर्यवंशी का शानदार एक्शन शॉट जिसमें वे बहुत खूबसूरती से 'कवर ड्राइव' लगा रहे हैं। दलीप ट्रॉफी में अर्धशतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी के तौर पर ये तस्वीर उस पल को दिखाती है जब चेपॉक के दर्शकों ने भारत के अगले बड़े बैटिंग टैलेंट का स्वागत करने के लिए खड़े होकर तालियां बजाईं।झारखंड के शिखर मोहन नई गेंद का सामना करते हुए एक अनुभवी खिलाड़ी की तरह आत्मविश्वास से भरे दिखे। ये तस्वीर उनके शानदार हाई-प्रेशर वाले 85 रनों की पारी को दिखाती है जो उन्होंने दलीप ट्रॉफी के ग्रैंड फिनाले में अपने डेब्यू पर खेली थी और टीम के लिए एक ऐतिहासिक स्कोर खड़ा किया था।नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ शानदार शतक लगाने के बाद शाहबाज अहमद और सुदीप कुमार घरामी के बीच मैदान के बीचों-बीच हाथ मिलाने का जोश भरा पल। ये तस्वीर ईस्ट जोन की मजबूत बैटिंग लाइन-अप को दिखाती है, जिसकी वजह से वे पूरे टूर्नामेंट में विरोधी टीमों पर हावी रहे।बेंगलुरु में जश्न मनाते हुए बाएं हाथ के स्पिनर आबिद मुश्ताक। टर्निंग पिच पर 39 रन देकर 5 विकेट लेने के उनके अहम कारनामे को दिखाती ये तस्वीर टॉप-लेवल रेड-बॉल टीमों को हराने के लिए जरूरी जज्बे और हुनर को बयां करती है।तनावपूर्ण सेशन के दौरान साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा अपने करीबी फील्डर्स को इकट्ठा करते हुए। उनके चेहरे के गंभीर भाव नेशनल सेलेक्टर्स के सामने स्टार खिलाड़ियों से सजी जोनल टीम की कप्तानी करने के भारी दबाव को बखूबी दिखाते हैं।5 विकेट गिराने के बाद अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी का जोश भरा अंदाज। कॉम्पिटिटिव घरेलू क्रिकेट में वापसी के बाद शानदार लय दिखाते हुए, ये तस्वीर फैंस को याद दिलाती है कि दुनिया भर में उनसे क्यों खौफ खाया जाता है।सेमीफाइनल में ईस्ट जोन द्वारा टारगेट का पीछा करते समय सेंट्रल जोन के कप्तान रजत पाटीदार सोच-विचार करते हुए। ये तस्वीर फर्स्ट-क्लास नॉकआउट क्रिकेट के दुखद पल को दिखाती है, जिससे सेंट्रल जोन के टाइटल बचाने का सफर खत्म हो गया।एक शानदार फीज-फ्रेम तस्वीर में ग्रैंड फिनाले के दौरान तिलक वर्मा और वैभव सूर्यवंशी के बीच मैदान पर हुई तीखी बहस को दिखाया गया है। उस युवा खिलाड़ी द्वारा अपने बेहतरीन तेज गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ निडर होकर T20-स्टाइल में की गई आक्रामक बल्लेबाजी से परेशान होकर वर्मा उस युवा खिलाड़ी के पास जाकर बहस करने लगे। जहां स्टंप माइक ने वर्मा की 'क्या यार ये उप-कप्तान?' वाली बात को पकड़ लिया, वहीं ये तस्वीर उस जबरदस्त मुकाबले के जोश दर्शकों के भारी उत्साह और उस असली ड्रामे को बखूबी दिखाती है।झारखंड के विकेटकीपर-बल्लेबाज कुमार कुशाग्र ने ग्रैंड फिनाले में सिर्फ 135 गेंदों पर शानदार 111 रन बनाए। अपने आक्रामक अंदाज और शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए कुमार कुशाग्र ने दलीप ट्रॉफी फाइनल में शतक पूरा करने के बाद 'वायलिन सेलिब्रेशन' किया, जिसमें उन्होंने अपने क्रिकेट बैट को वायलिन की तरह इस्तेमाल करते हुए अपनी बल्लेबाजी का संगीत रचा। कप्तान ईशान किशन के साथ मिलकर कुशाग्र ने पूरी आजादी के साथ खेला और साउथ जोन के तेज गेंदबाजों की जमकर धुनाई करते हुए कई शानदार चौके और ऊंचे छक्के जड़े।