दिवाली पर घर की सजावट डिजाइन फोटो
दिवाली की सजावट सिर्फ़ दीयों और झालरों तक सीमित नहीं है। थोड़ी सोच और सही रंग-संयोजन से हर कोना त्योहारी रौनक में नहा सकता है। मुख्य द्वार से लेकर पूजा के कोने तक, देखिए 10 ऐसे आइडिया, जो परंपरा और आधुनिक स्टाइल, दोनों का सुंदर मेल बनाते हैं।घर की पहली झलक दरवाज़े से मिलती है, इसलिए शुरुआत वहीं से करें। गेंदे या आम के पत्तों का ताजा तोरण लगाएँ, या टिकाऊ विकल्प के लिए मोतियों और कृत्रिम फूलों वाला बंदनवार चुनें। दरवाजे के दोनों ओर दीये या लालटेन रखें और चौखट के पास छोटी रंगोली बनाएँ। यह स्वागत की परंपरा को खूबसूरती से निभाता है।मिट्टी के पारंपरिक दीयों पर रंग या मीनाकारी का काम करवा लें, या खुद रंगकर घर के हर कोने में सजाएँ। पानी की चौड़ी थाली में तैरते दीये और फूल बैठक की मेज को खास बना देते हैं। दीये पर्दों, कपड़ों और कागज़ की सजावट से दूर, समतल और स्थिर जगह पर रखें। बच्चों और पालतू जानवरों का भी ध्यान रखें।खिड़की, बालकनी की रेलिंग, सीढ़ी या पर्दे के पीछे लगी गर्म सफेद या पीली एलईडी झालरें घर को परियों की कहानी जैसा रूप देती हैं। ये कम बिजली खींचती हैं और ठंडी रहती हैं। एक ही सॉकेट पर बहुत सारी झालरें न लगाएँ और भरोसेमंद, मानक चिह्न वाली लाइटें ही इस्तेमाल करें।महाराष्ट्र जैसे कई क्षेत्रों में दिवाली पर आकाश कंदील यानी रंग-बिरंगे लटकते लालटेन लगाने की परंपरा है। इन्हें बाँस, कागज या कपड़े से बनाया जाता है और बालकनी या मुख्य द्वार के ऊपर टाँगा जाता है। बच्चों के साथ इसे घर पर बनाना त्योहार की एक यादगार गतिविधि भी बन सकती है।गेंदा, गुलाब और रजनीगंधा जैसे फूल घर को रंग भी देते हैं और महक भी। सीढ़ी की रेलिंग, खिड़की और पूजा स्थल पर मालाएँ लगाएँ, या काँच के बड़े कटोरे में पानी भरकर पंखुड़ियाँ सजाएँ। असली फूल जल्दी मुरझाते हैं, इसलिए पूजा से एक दिन पहले ही खरीदें और ठंडी जगह पर रखें।पूजा के स्थान को साफ़ करके लाल या पीले साफ कपड़े से ढकी चौकी रखें और उस पर देवी-देवताओं की मूर्तियाँ या चित्र सजाएँ। पास में कलश, फल, मिठाई और दीये रखें। पीछे की दीवार को झालर या सुंदर पर्दे से सजाने से कोना और खास दिखता है। जगह को हवादार रखें और आग की दूरी का ध्यान रखें।बैठक की खाली दीवार पर कपड़े की टेपेस्ट्री, तोरण-नुमा वॉल हैंगिंग या मंडला आर्ट लगाएँ। "शुभ-लाभ" और "स्वस्तिक" जैसे प्रतीकों वाले वॉल स्टिकर भी उपलब्ध हैं, जिन्हें त्योहार के बाद हटाया जा सकता है। पूरी दीवार भरने के बजाय एक ही दीवार को केंद्र बनाएँ, ताकि कमरा सजीव दिखे और भीड़भाड़ वाला न लगे।लाल, मरून, नारंगी, सुनहरा और गहरा हरा दिवाली के पारंपरिक रंग माने जाते हैं। सोफ़े के कुशन कवर और टेबल रनर बदलकर ब्रोकेड, ज़री या बनारसी जैसे कपड़े इस्तेमाल करें। पर्दे बदलना संभव न हो, तो एक-दो चटक रंग के थ्रो या कुशन ही काफी हैं।धातु या काँच की लालटेन में टीलाइट या एलईडी मोमबत्ती रखकर सीढ़ी, फ़र्श या बालकनी में सजाएँ। काँच के जार में रंगीन पानी या सजावटी पत्थर डालकर उसके अंदर तैरती मोमबत्ती रखना भी सुंदर लगता है। असली मोमबत्ती इस्तेमाल करते समय उसे कभी अकेला न छोड़ें। सुरक्षा के लिए एलईडी विकल्प भी चुन सकते हैं।