आशा भोसले जन्मदिन फोटो सोर्स- नवभारत डिजाइन
8 सितंबर 1933 को महाराष्ट्र के सांगली में एक ऐसी बच्ची का जन्म हुआ, जिसने आगे चलकर भारतीय संगीत की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई। वह थीं आशा भोसले। उनकी आवाज और गायकी की विविधता ने कई पीढ़ियों के संगीत प्रेमियों को प्रभावित किया।आशा भोसले का जन्म प्रसिद्ध संगीतकार और रंगमंच कलाकार दीनानाथ मंगेशकर के परिवार में हुआ था। घर का माहौल संगीत से जुड़ा होने के कारण उन्हें बचपन से ही गायन का प्रशिक्षण और संगीत की समझ मिली।आशा भोसले ने बहुत कम उम्र में ही संगीत की दुनिया में कदम रख दिया था। उनका शुरुआती गायन मराठी सिनेमा से जुड़ा था और आगे चलकर उन्होंने हिंदी फिल्मों में भी अपनी मजबूत पहचान बनाई। उनका करियर आठ दशकों से ज्यादा समय तक चला।आशा भोसले की सबसे बड़ी खूबियों में उनकी बहुमुखी गायकी शामिल रही। उन्होंने फिल्मी गीतों के साथ गजल, भजन, लोकगीत, कव्वाली, पॉप और कई अन्य संगीत शैलियों में अपनी आवाज का जादू दिखाया।आशा भोसले महान गायिका लता मंगेशकर की छोटी बहन थीं। दोनों बहनों ने भारतीय संगीत को अपनी-अपनी शैली में समृद्ध किया। हालांकि आशा भोसले ने अपनी गायकी की एक अलग पहचान बनाई और विविध संगीत शैलियों में अपनी खास जगह बनाई।आशा भोसले के नाम रिकॉर्डिंग से जुड़ा एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय सम्मान भी दर्ज है। Guinness World Records के अनुसार 2011 में उन्हें सबसे ज्यादा स्टूडियो रिकॉर्डिंग वाले कलाकार के रिकॉर्ड से जोड़ा गया था। उस समय रिकॉर्ड के लिए 11,000 तक सोलो, डुएट और कोरस-आधारित रिकॉर्डिंग का उल्लेख किया गया था।भारतीय सिनेमा में उनके असाधारण योगदान को देखते हुए आशा भोसले को 2000 में दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह भारतीय सिनेमा के क्षेत्र में दिए जाने वाले प्रमुख राष्ट्रीय सम्मानों में से एक है।साल 2008 में भारत सरकार ने आशा भोसले को पद्म विभूषण से सम्मानित किया। भारत सरकार के आधिकारिक रिकॉर्ड में यह सम्मान उन्हें कला के क्षेत्र में दिया गया है। आशा भोसले को उनके गायन के लिए दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिले। उनकी आवाज ने अलग-अलग भाव और संगीत शैलियों को जिस सहजता से अपनाया, वह उनकी कलात्मक क्षमता की बड़ी पहचान बनी।आशा भोसले की खासियत यह रही कि उनका संगीत किसी एक दौर तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने बदलते समय के साथ अपनी गायकी में भी नए रंग जोड़े और अलग-अलग पीढ़ियों के श्रोताओं तक पहुंच बनाई। उनका करियर आठ दशक से अधिक लंबा रहा।आशा भोसले का 12 अप्रैल 2026 को 92 वर्ष की उम्र में मुंबई में निधन हुआ। उनके निधन के बाद भारत सरकार ने भी उनके संगीत और भारतीय कला जगत में योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी। आशा भोसले की विरासत सिर्फ उनके रिकॉर्ड किए हुए गीतों तक सीमित नहीं है। उनकी बहुमुखी गायकी, लंबे करियर और संगीत के बदलते दौर के साथ खुद को ढालने की क्षमता ने उन्हें भारतीय संगीत इतिहास की यादगार आवाजों में शामिल किया।