ओडिशा कांग्रेस प्रमुख भक्त चरण दास (सोर्स -सोशल मीडिया) 
ओडिशा

ओडिशा में सियासी संग्राम! 14 विधायकों के निलंबन पर हल्लाबोल; कांग्रेस बोली- सरकार ने लोकतंत्र की आंखें मूंद दीं

ओडिशा विधानसभा का घेराव करने की योजना के बाद पार्टी के 14 विधायकों को विधानसभा से निलंबित कर दिया गया। कांग्रेस प्रमुख ने पुलिस के साथ हुई झड़प पर कहा कि दोनों पक्षों में आक्रामकता देखने को मिली।

सौरभ शर्मा

भुवनेश्वर: 14 विधायकों के निलंबन पर मचे बवाल के बीच ओडिशा कांग्रेस प्रमुख भक्त चरण दास ने कहा कि पार्टी नेताओं और पुलिस के बीच हुई झड़प "अच्छी बात नहीं" थी। उन्होंने कहा कि पार्टी यह सुनिश्चित करना चाहती थी कि पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच कोई लड़ाई न हो। कांग्रेस नेता ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध के मुद्दे पर अपने विरोध के बीच विधानसभा का घेराव करने की योजना बनाने के बाद पार्टी के 14 विधायकों को विधानसभा से निलंबित कर दिया गया।

दास ने कहा, हम राज्य में महिलाओं के खिलाफ अत्याचारों का विरोध कर रहे हैं। 27 मार्च को हमने विधानसभा का घेराव करने की योजना बनाई थी। 14 कांग्रेस विधायकों को सदन से निलंबित कर दिया गया और पुलिस के साथ झड़प हुई, जो अच्छी बात नहीं थी। पुलिस भी आक्रामक हो गई। हमारे लोग भी आक्रामक हो गए। उन्होंने कहा कि पुलिस को कानून और व्यवस्था बनाए रखना है, जबकि उन्हें लोगों के मुद्दे उठाने हैं, इसलिए कोई झड़प नहीं होनी चाहिए।

पुलिस का काम कानून व्यवस्था, हमारा लोगों के मुद्दों

भक्त चरण बोले, हम यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि पुलिसकर्मियों और कांग्रेस नेताओं के बीच कोई लड़ाई न हो, क्योंकि पुलिस को राज्य में कानून और व्यवस्था बनाए रखना है और हमारा काम लोगों के मुद्दों के लिए लड़ना है। हम पुलिस से भिड़कर अपना समय और ऊर्जा बर्बाद नहीं कर सकते। इससे पहले, ओडिशा कांग्रेस ने राज्य की राजधानी भुवनेश्वर में विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के पिछले आठ महीनों में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की जांच के लिए एक समिति के गठन की मांग की गई।

सरकार अंधी और डरी हुई, लेकिन कांग्रेस झुकेगी नहीं

ओडिशा कांग्रेस के नेता राम चंद्र कदम ने राज्य सरकार को अंधा करार देते हुए आगे कहा कि उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज इसलिए किया क्योंकि वे डरे हुए थे। कदम ने यह भी कहा कि कांग्रेस झुकेगी नहीं और लड़ाई जारी रखेगी। ऐजेंसी से बात करते हुए कदम ने कहा, राज्य सरकार डरी हुई है और अंधी सरकार है। हमारी माताएं और बहनें यहां सुरक्षित नहीं हैं। वे हम पर लाठीचार्ज कर रहे हैं क्योंकि वे डरे हुए हैं। कांग्रेस झुकेगी नहीं और लड़ती रहेगी।

कैसे बढ़ा मामला?

भुवनेश्वर में स्थिति तब और बिगड़ गई जब पुलिस ने सदन से 14 कांग्रेस विधायकों के निलंबन और महिलाओं के खिलाफ अपराधों के खिलाफ ओडिशा विधानसभा के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे ओडिशा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौछारों का इस्तेमाल करने के बाद विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया।

प्रतिरोध में, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर कुर्सियाँ फेंकी। 26 मार्च को, ओडिशा विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाधी ने इसी मुद्दे पर सदन के वेल में विरोध प्रदर्शन करने के बाद "अनुशासनहीनता, कुर्सी का अनादर करने और नियमों का उल्लंघन करने" के आरोप में 12 कांग्रेस विधायकों को सदन से सात दिनों के लिए निलंबित कर दिया।

( ऐजेंसी इनपुट के साथ )

6G की वैश्विक दौड़ में शामिल हुआ भारत, अमेरिका समेत 24 देशों से मिलाया हाथ, डेटा सेंटर्स पर भी चर्चा

MBA Admission 2027: CAT से XAT तक टॉप एंट्रेंस एग्जाम की पूरी लिस्ट, जानें डेट और योग्यता

Delhi Building Collapse Live: PG मालिक के बाद पत्नी-बेटा भी अरेस्ट, सत्य निकेतन में 27 घंटे बाद रेस्क्यू खत्म

Weather Forecast: दिल्ली-यूपी समेत 17 राज्यों में मौसम बिगड़ेगा, बारिश के साथ आंधी-तूफान का अलर्ट जारी

क्या नेपाल, भूटान या पाकिस्तान के नागरिक दे सकते हैं UPSC सिविल सेवा परीक्षा? जानिए पूरा नियम