कोनराड संगमा व एन. बीरेन सिंह (सोर्स-सोशल मीडिया) 
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कोनराड संगमा ने खत्म किया बीजेपी से संगम, मणिपुर में NPP ने वापस लिया समर्थन, बोले- एन बीरेन सिंह..!

मणिपुर में जारी हिंसा के बीच कोनराड संगमा की नेशनल पीपुल्स पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिखकर समर्थन वापस लेने का ऐलान किया है।

अभिषेक सिंह

इंफाल: मणिपुर में जारी हिंसा के बीच कोनराड संगमा की नेशनल पीपुल्स पार्टी ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिखकर समर्थन वापस लेने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार राज्य में मौजूदा हालात से निपटने में विफल रही है। इसलिए वह तत्काल प्रभाव से अपना समर्थन वापस ले रहे हैं।

नेशनल पीपुल्स पार्टी ने मणिपुर की वर्तमान स्थिति को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिखकर कहा कि वह राज्य में मौजूदा कानून व्यवस्था को लेकर चिंतित है। पिछले कुछ दिनों में हमने राज्य में हालात को बदतर होते देखा है, जिसमें कई निर्दोष लोगों की जान चली गई है। और राज्य में लोग भारी पीड़ा से गुजर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा, हमने यह भी महसूस किया है कि सीएम एन. बीरेन के नेतृत्व वाली मणिपुर सरकार राज्य में संकट को हल करने और सामान हालात बहाल करने में पूरी तरह विफल रही है।

एनपीपी ने पत्र में क्या कहा?

एनपीपी के पत्र में लिखा गया कि मौजूदा हालात को ध्यान में रखते हुए नेशनल पीपुल्स पार्टी ने फैसला किया है कि वह मणिपुर में बीरेन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार से तत्काल प्रभाव से अपना समर्थन वापस ले रही है। सूत्रों के मुताबिक मणिपुर के ताजा हालात के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को दिल्ली में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में मणिपुर में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की गई। साथ ही सोमवार को गृह मंत्री इस मुद्दे पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बड़ी बैठक करेंगे। वहीं, अमित शाह महाराष्ट्र से अपने राजनीतिक कार्यक्रम रद्द कर रविवार को दिल्ली पहुंचे थे।

पिछले कुछ दिनों से मणिपुर में सुरक्षा के लिहाज से चिंताजनक स्थिति बनी हुई है। कांग्रेस अध्यक्ष ने भी केंद्र पर साधा निशानाइससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि आपकी डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में मणिपुर न तो एकजुट है और न ही सुरक्षित है। मई 2023 से मणिपुर अकल्पनीय दर्द, विभाजन और हिंसा से गुजर रहा है।

उन्होंने कहा कि जिसने यहां के लोगों का भविष्य खराब कर दिया है। हम यह पूरी जिम्मेदारी के साथ कह रहे हैं कि ऐसा लगता है कि भाजपा जानबूझकर मणिपुर को जलाना चाहती है, क्योंकि वह अपनी घिनौनी विभाजनकारी राजनीति करती है। खड़गे ने लिखा कि मणिपुर में 7 नवंबर से अब तक 17 लोगों की जान जा चुकी है। हिंसा लगातार कई इलाकों के साथ-साथ पूर्वोत्तर राज्यों की ओर फैल रही है।

मणिपुर में कैसे भड़की वर्तमान हिंसा

आपको बता दें कि शनिवार को मणिपुर में फिर से हिंसा भड़क उठी और गुस्साई भीड़ ने कई विधायकों के घरों में तोड़फोड़ और आगजनी की। यह गुस्साई भीड़ मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के आवास की ओर भी बढ़ रही थी। हालांकि तभी पुलिस ने बल प्रयोग कर भीड़ को वहीं रोक दिया। वहीं, रविवार को पुलिस ने इस मामले में 20 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है साथ ही अगले आदेश तक इंफाल में कर्फ्यू लगा दिया है।

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