अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश (सोर्ल सोशल मीडिया) 
नॉर्थ ईस्ट

अरुणाचल में भारी तबाही: फ्लैश फ्लड में 3 लोग लापता, असम के कई जिलों में हाई अलर्ट जारी

Arunachal Pradesh High Alert: अरुणाचल प्रदेश के कीई पन्योर में भारी बारिश और फ्लैश फ्लड से तीन लोग लापता। असम के धेमाजी, लखीमपुर, बिश्वनाथ और सोनितपुर में प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया।

करुणा नंद शाहवाल

Arunachal Pradesh On High Alert Due To heavy Rains:अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने तबाही मचा दी है। कीई पन्योर जिले में बुधवार को आई फ्लैश फ्लड में कम से कम तीन लोग लापता हो गए, जबकि कई घरों और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। भारी बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे कई इलाकों में यातायात बाधित हो गया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं।

वहीं, अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी क्षेत्रों में बढ़ते जलस्तर का असर पड़ोसी राज्य असम पर पड़ने की आशंका है। इसे देखते हुए असम सरकार ने धेमाजी, लखीमपुर, बिश्वनाथ और सोनितपुर समेत कई जिलों में हाई अलर्ट जारी कर संबंधित एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

फ्लैश फ्लड में तीन लोग लापता

ईटानगर के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, लगातार हो रही भारी बारिश के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ, जिससे यातायात प्रभावित हो गया और कई यात्री रास्ते में फंस गए। अधिकारियों ने बताया कि कीई पन्योर जिले के याजाली सर्कल अंतर्गत पूसा स्थित एनईईपीसीओ परियोजना कॉलोनी के पास आई फ्लैश फ्लड में तीन लोग लापता हो गए। तेज बारिश के कारण एक रिटेनिंग वॉल भी ढह गई, जबकि बाढ़ का पानी याजाली क्षेत्र के कई निचले रिहायशी इलाकों में घुस गया।

एसडीआरएफ-एनडीआरएफ राहत कार्य में जुटी

घटना की सूचना मिलते ही अतिरिक्त उपायुक्त, पुलिस उपाधीक्षक और सर्कल अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों में पहुंच गए हैं और नुकसान का आकलन करने के साथ राहत एवं बचाव कार्यों का समन्वय कर रहे हैं। राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम को मौके पर तैनात कर दिया गया है, जबकि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के जवान भी राहत एवं बचाव अभियान में शामिल होने के लिए रवाना हो चुके हैं।

भारी बारिश से कई घर क्षतिग्रस्त

सरकारी स्वामित्व वाली नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन (एनईईपीसीओ) ने एहतियातन रांगनदी बांध से पानी छोड़ना शुरू कर दिया है। परियोजना में बिजली उत्पादन भी फिलहाल अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। पिछले कई दिनों से पहाड़ी राज्य अरुणाचल प्रदेश में लगातार भारी बारिश हो रही है, जिससे विभिन्न जिलों में भूस्खलन, फ्लैश फ्लड और मकानों व बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। आपदा प्रबंधन विभाग ने नदी किनारे और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने तथा अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी है।

24 घंटे में 72.8 मिमि दर्ज की बारिश

उधर, अरुणाचल प्रदेश के लोअर सुबनसिरी जिले में भारी बारिश और फ्लैश फ्लड की खबरों के बाद असम सरकार भी हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। आशंका है कि इसका असर असम के निचले इलाकों में देखने को मिल सकता है। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, गुवाहाटी और मौसम विज्ञान केंद्र, ईटानगर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, याजाली में पिछले 24 घंटों के दौरान 72.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसमें से अधिकांश वर्षा 24 जून की सुबह 6 बजे से 9 बजे के बीच हुई।

जल प्रभाव बढ़ने के कारण खोला गया स्पिलवे गेट

आधिकारिक बयान के अनुसार, उपग्रह और रडार चित्रों से बुधवार सुबह अत्यधिक बारिश की पुष्टि हुई है, जिसके कारण ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में नदी के प्रवाह में अचानक वृद्धि दर्ज की गई। पन्योर लोअर हाइड्रोइलेक्ट्रिक परियोजना क्षेत्र, जिसे पहले रांगनदी हाइड्रोइलेक्ट्रिक परियोजना के नाम से जाना जाता था, में फ्लैश फ्लड की सूचना मिली है। जल प्रवाह बढ़ने के कारण अतिरिक्त पानी निकालने के लिए एक स्पिलवे गेट खोला गया है।

कई क्षेत्रों में बाढ़ की लहर तेज

याजाली से मिली रिपोर्टों के अनुसार, मलबे के साथ आई बाढ़ ने मकानों और बुनियादी ढांचे को व्यापक नुकसान पहुंचाया है। अधिकारियों को आशंका है कि ऊपरी क्षेत्रों में भारी बारिश और बढ़ते जलप्रवाह के कारण असम में ब्रह्मपुत्र नदी तथा उसकी सहायक नदियों का जलस्तर और प्रवाह गति काफी बढ़ सकती है।

बाढ़ की लहर सबसे पहले धेमाजी, लखीमपुर, बिश्वनाथ और सोनितपुर जिलों को प्रभावित कर सकती है। इसके बाद अगले एक-दो दिनों में यह अन्य जिलों से होते हुए धुबरी तक पहुंचने की संभावना है।

असम में हाई अलर्ट जारी

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के निर्देश पर मुख्य सचिव रवि कोटा ने सभी संबंधित विभागों और जिला प्रशासन को अधिकतम सतर्कता बरतने तथा हर स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा है। राज्य सरकार ने निचले और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने तथा प्रशासन के निर्देश मिलने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।

साथ ही लोगों को जलमग्न क्षेत्रों में जाने और ब्रह्मपुत्र व उसकी सहायक नदियों में छोटी नावों से यात्रा करने से बचने की सलाह दी गई है, क्योंकि नदी का बहाव काफी तेज होने की आशंका है।

PM मोदी-ट्रंप की फोन पर बात, भारत-अमेरिका रिश्तों को लेकर क्या हुई चर्चा?

हवा में चाकूबाजी, तेजी से नीचे आया विमान…कौन हैं भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार? जान पर खेलकर बचाई 180 की जान

यूपी पुलिस को ही भंग कर सभी केस CBI को देने पड़ेंगे क्या? सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी

कांग्रेस की एकला चलो नीति पर भड़के उद्धव ठाकरे! INDIA गठबंधन की बैठक में सुनाई खरी-खोटी, दी ये सलाह

CSR घाेटाला: महाराष्ट्र समेत 4 राज्यों के 8 ठिकानों पर ED की छापेमारी, फर्जी नेटवर्क का खुलासा