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स्वरा भास्कर का हेमा कमेटी की रिपोर्ट पर फूटा गुस्सा, बोलीं- ये दिल दहलाने वाला है

स्वरा भास्कर ने हेमा कमेटी की रिपोर्ट पर रिएक्ट किया है। स्वर ने पोस्ट में लिखा कि मैंने अभी-अभी हेमा कमेटी की रिपोर्ट की संशोधित रिपोर्ट के निष्कर्ष पढ़े हैं और निष्कर्ष दिल दिलाने वाले हैं और जाने-पहचाने भी। शोबिज हमेशा से ही मेल- सेंट्रिक इंडस्ट्री रही है, जिसमें पुरुष प्रधान की सत्ता चली हैं।

सोनाली झा

मुंबई: बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर अक्सर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रही हैं। स्वरा हर छोटे-बड़े मुद्दों पर अपनी राय रखती हैं। हर मुद्दे पर रिएक्ट करने की वजह से एक्ट्रेस हमेशा सुर्खियों में छाई रहती हैं। हाल ही में जस्टिन हेमा कमेटी की रिपोर्ट सामने आई है। इसके बाद से मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में बवाल मच गया है। हेमा कमेटी की रिपोर्ट पर स्वरा भास्कर ने रिएक्ट किया है।

स्वरा भास्कर ने सोशल मीडिया अकाउंट इंस्टाग्राम पर लंबा-चौड़ा पोस्ट शेयर किया है। इतना ही नहीं उन्होंने वूमेन इन सिनेमा कलेक्टिव की तारीफ की है। उनके एफर्ट्स की तारीफ करते हुए एक्ट्रेस ने इंडस्ट्री में यौन उत्पीड़न और हिंसा के मुद्दों को सामने में लाने की भूमिका को स्वीकार किया है। स्वर ने पोस्ट में लिखा कि मैंने अभी-अभी हेमा कमेटी की रिपोर्ट की संशोधित रिपोर्ट के निष्कर्ष पढ़े हैं और निष्कर्ष दिल दिलाने वाले हैं और जाने-पहचाने भी।

स्वरा ने अपने पोस्ट में लिखा कि कमेटी के निष्कर्ष को पढ़ना दिल दहला देने वाला है और भी ज्यादा दिल दहला देने वाला इसीलिए है कि यह जाना-पहचाना है। शायद हर डिटेल और हर बारिकी नहीं, लेकिन महिलाओं ने जो गवाही दी है, उसकी बड़ी तस्वीर बहुत जानी पहचानी है। शोबिज हमेशा से ही मेल- सेंट्रिक इंडस्ट्री रही है, जिसमें पुरुष प्रधान की सत्ता चली हैं।

एक्ट्रेस ने आगे लिखा कि यह धारणा के प्रति भी बहुत संवेदनशील है और जोखिम से भी दूर रहता है। प्रोडक्शन का हर दिन, शूटिंग के दिन, साथ ही फ्री और पोस्ट-प्रोडक्शन के दिन होते हैं। ऐसे दिन होते हैं जब मीटर लगता है और पैसा खर्च होता है। कोई भी व्यवस्था पसंद नहीं करता। भले ही नैतिक रूप से सही बात के लिए अपनी आवाज उठाई हो। बस चलते रहना बहुत ही सुविधाजनक और आर्थिक रूप से व्यावाहारिक है।

स्वर ने इसके आगे भी कई बातें इंडस्ट्री के लिए लिखी और उन्होंने कई सक्सेसफुल एक्ट्रेस, डायरेक्टर, प्रोड्यूसर पर भी निशाना साधा है। बता दें कि हेमा कमेटी की 296 पन्नों की रिपोर्ट आखिरकार 16 अगस्त को सार्वजनिक हो गई है। इसमें इंडस्ट्री की कई महिलाओं की गवाही शामिल है। इतना ही नहीं कुछ रिपोर्ट्स में महिलाओं के जगह लड़कियों का नाम सामने आया है। इससे ये साबित होता है कि नाबालिक भी यौन उत्पीदन का शिकार हो सकती है।

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