WCL Pollution Impact Yavatmal Farmers: कोयला प्रदूषण के कारण किसानों की फसलों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए राज्य सरकार व्यापक नीति तैयार कर रही है। यह जानकारी अतिरिक्त मुख्य सचिव तथा वेकोलि प्रदूषण नियंत्रण समिति के अध्यक्ष विकास खारगे ने शुक्रवार को वणी तहसील के दौरे के दौरान दी। दौरे के दौरान उन्होंने बेलोरा स्थित वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (वेकोली) की कोयला खदान का निरीक्षण किया।
साथ ही उकणी, पिंपलगांव, ब्राम्हणी और वणी क्षेत्र का दौरा कर स्थानीय नागरिकों से संवाद साधा। इस अवसर पर विधायक सुधीर मुनगंटीवार, विधायक संजय देरकर, पूर्व विधायक संजीवरेड्डी बोदकुरवार, विभागीय आयुक्त नयना गुंडे, जिलाधिकारी विकास मीना सहित प्रशासनिक अधिकारी, वेकोली के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
खारगे ने कहा कि वर्तमान में कोयला प्रदूषण से प्रभावित किसानों को मुआवजा देने संबंधी कोई स्पष्ट कानून या सरकारी नीति नहीं है। इसलिए इस मानवजनित नुकसान की भरपाई के लिए राज्य सरकार नई नीति तैयार कर रही है। इसके लिए वित्त, कृषि और पर्यावरण विभाग के सचिवों, विभागीय आयुक्त, जिलाधिकारी तथा कंपनी प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए एक अध्ययन समिति गठित की गई है। साथ ही एक तकनीकी समिति भी बनाई गई है। इस मुद्दे को आगे बढ़ाने में विधायक सुधीर मुनगंटीवार और विधायक संजय देरकर के प्रयास महत्वपूर्ण रहे हैं।
विधायक संजय देरकर ने कहा कि कोयला प्रदूषण के कारण वर्षों से किसानों, पर्यावरण और स्थानीय नागरिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में खनिज संपदा प्रचुर मात्रा में होने के बावजूद प्रदूषण नियंत्रण को प्राथमिकता देना जरूरी है, ताकि किसानों और नागरिकों को न्याय मिल सके। दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने ब्राम्हणी में ओबी (ओवरबर्डन) से बने मार्ग तथा वणी रेलवे साइडिंग का भी निरीक्षण किया।
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अतिरिक्त मुख्य सचिव ने पिंपलगांव और उकणी गांवों के पुनर्वास के लिए वैकल्पिक भूमि चिन्हित करने तथा वेकोली प्रशासन, ग्राम पंचायत और तहसील प्रशासन के समन्वय से प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुनर्वास प्रक्रिया को प्राथमिकता देकर प्रभावित नागरिकों को राहत पहुंचाई जाएगी।