

Temple Collapse Accident Dead-Bodies Identified: महाराष्ट्र के परभणी जिले के मानवत तहसील स्थित यशवाडी हनुमान मंदिर में शनिवार की दोपहर जो चीख-पुकार मची, उसकी गूंज अब पूरे राज्य में सुनाई दे रही है। निर्माणाधीन सभामंडप के ढहने से हुए इस भीषण हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और मृतकों की शिनाख्त कर ली गई है। आस्था के इस केंद्र पर शनिवार को उमड़ी भारी भीड़ के बीच हुआ यह हादसा अब गहरे मातम में बदल चुका है।
प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, मलबे से निकाले गए उन पांच अभागे श्रद्धालुओं की पहचान हो गई है जो अपनी मनोकामना लेकर मंदिर पहुंचे थे, लेकिन हादसे का शिकार हो गए:
परभणी-मानवत रोड पर स्थित यशवाडी देवस्थान अपनी महिमा के लिए प्रसिद्ध है, जिसके कारण शनिवार (20 जून) को दोपहर करीब 3 बजे दर्शनार्थियों की लंबी कतारें लगी थीं। मंदिर के सभामंडप का काम पिछले कुछ महीनों से युद्ध स्तर पर चल रहा था, जहां भारी पत्थरों और कंक्रीट के स्लैब को सहारा देने के लिए लकड़ी के खंभों और पटरियों का उपयोग किया गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब दो कतारों में खड़े श्रद्धालु दर्शन कर रहे थे, तभी अचानक छत का भारी हिस्सा लकड़ी के खंभों समेत नीचे आ गिरा, जिससे 15 से 20 लोग मलबे में दब गए।
इस हृदयविदारक घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। वहीं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने त्वरित सहायता का हाथ बढ़ाते हुए मृतकों के आश्रितों को 5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है। वर्तमान में, गंभीर रूप से घायल श्रद्धालुओं का इलाज परभणी जिला सामान्य अस्पताल में चल रहा है।
प्रशासन और स्थानीय नागरिक अब भी राहत कार्य में जुटे हुए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मलबे के नीचे कोई और न फंसा हो। आस्था के द्वार पर हुई इस अनहोनी ने सुरक्षा मानकों और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।