Umarkhed Farmer Scheme: खेती में काम करते समय होने वाली दुर्घटना में मृत्यु या स्थायी रूप से दिव्यांग होने से आर्थिक संकट में फंसने वाले किसान परिवारों को राहत देने वाला निर्णय राज्य सरकार ने लिया है। 'गोपीनाथ मुंडे किसान दुर्घटना सुरक्षा सानुग्रह अनुदान योजना' का दायरा अब बढ़ा दिया गया है। इस योजना में अब केवल खातेदार किसान ही नहीं, बल्कि भूमिहीन खेत मजदूर, महिला किसान और परिवार के खेती कार्य में जुड़े अन्य सदस्यों को भी शामिल किया गया है।
उमरखेड़ तहसील के हजारों खेत मजदूर परिवारों के लिए यह निर्णय राहत देने वाला साबित होगा। आगामी पांच वर्षों तक इस योजना को लागू करने की मंजूरी दी गई है। इसके लिए 100 करोड़ रुपये के निधि का प्रावधान किया गया है। कृषि विभाग की ओर से हर माह संनियंत्रण समिति की बैठक में इस संबंध में शासन आदेश जारी किए गए हैं। भूमिहीन खेत मजदूरों को इस योजना का लाभ लेने के लिए ई-श्रम पोर्टल पर भूमिहीन खेत मजदूर के रूप में पंजीयन कराना अनिवार्य होगा।
यह पंजीयन एक वर्ष के भीतर का होना जरूरी रहेगा। महिला किसानों के लिए 'महाराष्ट्र महिला किसान सक्षमीकरण अधिनियम, 2016' के तहत प्राप्त 'महिला किसान' प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना आवश्यक होगा। दुर्घटना या आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में परिवार को आर्थिक सहायता प्राप्त करने के लिए कृषि विभाग के पास आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे।
उमरखेड़ के सहायक कृषि अधिकारी विजय हामंद ने कहा कि इस संशोधित योजना से उमरखेड़ 6 तहसील के गरीब खेत मजदूर मेहनतकश महिलाएं और किसानों के परिवारों को संकट के समय बड़ा आर्थिक सहारा मिलेगा। शासन का यह निर्णय जनहितकारी और लाभदायक है।