

Umarkhed Maratha Protest: मराठा समाज की विभिन्न मांगों को लेकर पिछले 15 दिनों से चल रहे मनोज जरांगे पाटील के अनशन के बावजूद सरकार द्वारा मांगें मंजूर नहीं किए जाने से मराठा आंदोलनकारी आक्रामक हो गए हैं। केंद्र और राज्य सरकार के सत्ताधारियों से मराठा आंदोलनकारी मनोज जरांगे पाटील की मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग उमरखेड़ तालुका के मराठा आंदोलनकारियों ने की है। स्थानीय विश्रामगृह में आयोजित पत्रकार परिषद में आंदोलनकारियों ने सरकार की भूमिका पर नाराजगी जताई।
इस दौरान मांग की गई कि हैदराबाद गजेटियर के अनुसार मराठा समाज के पुराने रिकॉर्ड को लागू कर पात्र लाभार्थियों को वैधता प्रमाणपत्र दिया जाए। साथ ही शिंदे समिति का काम अब तक अधूरा है, जिसे तत्काल पूरा किया जाए, आंदोलनकारियों ने कहा कि पिछले आंदोलन के दौरान समाज के बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए मनोज जरांगे पाटिल ने मुंबई का आंदोलन वापस लिया था।
लेकिन पिछले 16 दिनों से अंतरवाली सराटी में मराठा योद्धा मनोज जरांगे का अनशन जारी रहने के बाद भी मांगें लंबित हैं। इसलिए उन्होंने दोबारा मराठा आरक्षण के लिए मुंबई के आजाद मैदान में आंदोलन करने का निर्णय लिया है। इस आंदोलन को समर्थन देने के लिए अंतरवाली सराटी से बड़ी संख्या में मराठा समाज के लोग मुंबई की ओर रवाना हो रहे हैं। इसी तरह उमरखेड़ तालुका से भी बड़ी संख्या में मराठा समाज के कार्यकर्ता मुंबई आंदोलन में शामिल होने जा रहे हैं।
इस दौरान बालदी गांव के एक व्यक्ति द्वारा मराठा समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बयान देने का आरोप भी आंदोलनकारियों ने लगाया। आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान सरोज देशमुख ने किया। इस अवसर पर सरोज देशमुख, प्रमोद देशमुख, गणराज कदम, दिनेश रावते, शुभम माने, चांदराव सुरोशे, गजानन कोल्हे, सचिन घाडगे, आनंद शिंदे सहित तालुका के मराठा समाज के नागरिक उपस्थित थे।