वर्धा: खेत में काम करने गए मजदूर की करंट लगने से मौत, तार कंपाउंड में छोड़ा था करंट, दो पर केस

Wardha Bori Electric Shock Death: वर्धा के कारंजा घाडगे तहसील के बोरी में खेत में काम करने गए 40 वर्षीय प्रशांत लाडेकर की तार कंपाउंड में छोड़े करंट की चपेट में आने से हुई मौत। दो लोगों पर मामला दर्ज।
Wardha Bori Electric Shock Farmer Death
वर्धा के बोरी में बिजली का झटका लगने से किसान की मौत(सोर्स: AI)
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Electric Shock Farmer Death Case: वर्धा जिले के कारंजा घाडगे तहसील के बोरी परिसर में खेत में काम करने गए एक युवक की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि खेत के आसपास सुरक्षा के लिए लगाए गए तार कंपाउंड में करंट छोड़ा गया था।

इसी करंट की चपेट में आने से 40 वर्षीय प्रशांत नारायण लाडेकर की जान चली गई। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रशांत लाडेकर दूसरों के खेतों में मजदूरी का काम किया करते थे।

रोजाना की तरह 18 अगस्त की सुबह भी वे काम के लिए निकले थे। वे सतीश देशमुख की दोपहिया पर उनके खेत में पहुंचे थे। दोपहर के समय परिवार को जानकारी मिली कि प्रशांत की करंट लगने से मौत हो गई है। घटना की सूचना मिलते ही मृतक के भाई अमोल लाडेकर तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे।

ये है पुरा मामला

घटनास्थल पर पहुंचने के बाद अमोल ने प्रशांत को मृत अवस्था में देखा। उस समय गांव के दिनेश चौधरी, गुलाब देशमुख, तुलशिदास जांभुलकर सहित अन्य लोग भी मौके पर मौजूद थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, खेत की सुरक्षा के लिए लगाए गए तार कंपाउंड में करंट प्रवाहित किया गया था। इसी दौरान प्रशांत उसके संपर्क में आ गए और गंभीर रूप से झुलस गए।

करंट का झटका इतना तेज था कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई, जिसके बाद संबंधित पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने पंचनामा कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई की। हादसे के बाद गांव में भी शोक का माहौल है।

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दर्ज हुआ FIR

पुलिस ने इस मामले में दो लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि खेत के तार कंपाउंड में करंट क्यों छोड़ा गया था और इसके लिए जिम्मेदार कौन है। साथ ही, यह भी पता लगाया जा रहा है कि खेत में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियां बरती गई थीं या नहीं।

वर्धा पुलिस द्वारा घटनास्थल से उपलब्ध साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आगे की जांच की जा रही है। इस घटना ने खेतों में सुरक्षा व्यवस्था और खुले तारों में करंट प्रवाहित करने जैसी लापरवाही को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। मृतक के परिवार पर अचानक आई इस घटना से दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

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