यवतमाल मिट्टी परीक्षण योजना, (सोर्स: सौजन्य AI) 
यवतमाल

मिट्टी की सेहत जांच से बढ़ेगी पैदावार: यवतमाल के 27 हजार किसानों ने कराया मृदा परीक्षण

Yavatmal Soil Testing: यवतमाल में 27 हजार से अधिक किसानों ने मिट्टी परीक्षण कराकर जमीन की गुणवत्ता जानी। योजना से उर्वरता सुधार, संतुलित खाद उपयोग और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिल रही है।

अंकिता पटेल

Yavatmal Soil Health Card Scheme: यवतमाल जिला में रासायनिक खाद के बढ़ते उपयोग से खेतों की मिट्टी की गुणवत्ता लगातार प्रभावित हो रही है, जिसका सीधा असर फसल उत्पादन पर पड़ रहा है। किसानों को अपनी जमीन के स्वास्थ्य की सही जानकारी मिल सके, इसके लिए सरकार द्वारा मिट्टी परीक्षण योजना चलाई जा रही है। वर्ष 2025-26 के दौरान जिले में कुल 27 हजार 695 किसानों ने अपनी मिट्टी की जांच कराई है।

कृषि विभाग के जिला मृदा एवं सर्वेक्षण मृदा परीक्षण कार्यालय के माध्यम से राष्ट्रीय कृषि विकास योजना लागू की जा रही है। इसके तहत किसानों से मिट्टी के नमूने लेकर उनकी जांच की जाती है। इस जांच रिपोर्ट में मिट्टी के रासायनिक और भौतिक गुणों की जानकारी मिलती है, जिससे यह तय किया जाता है कि जमीन भारी, मध्यमा या हल्की श्रेणी की है। मिट्टी परीक्षण केन जरिए किसानों को यह समझने में मदद मिलती है कि उनकी जमीन की गुणवत्ता में क्या कमी है और उसे कैसे सुधारा जा सकता है।

कृषि विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से किसान अपनी भूमि की उत्पादकता बढ़ा सकते हैं। जिले के 16 तहसीलों में वर्षी 2025-26 के दौरान 26 हजार 93-किसानों ने सामान्य मिट्टी परीक्षण कराया, जबकि 1139 किसानों ने बागवानी, 461 ने सामान्य विशेष परीक्षण, ४ ने पानी परीक्षण और 2 किसानों ने सूक्ष्म परीक्षण करवाया।

इस तरह कुल मिलाकर 27 हजार 695 नमूनों की जांच की गई, मिट्टी परीक्षण और मृदा कार्ड योजना से किसानों को वैज्ञानिक खेती अपनाने में मदद मिल रही है, जिससे भविष्य में उत्पादन बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। सरकार द्वारा व्यक्तिगत स्तर पर भी मिट्टी परीक्षण की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन प्रक्रिया में समय लगने के कारण कुछ किसान निजी प्रयोगशालाओं का सहारा लेते हैं। हालांकि, निजी जांच को अपेक्षित प्रतिसाद नहीं मिल रहा है।

मृदा कार्ड से खेती में बदलाव संभव

मिट्टी परीक्षण के बाद किस्तनों को मृदा कार्ड दिया जाता है, जिसमे जमीन की स्थिति और आवश्यक खाद की मात्रा की जानकारी होती है। इससे किसान संतुलित उर्वरक उपयोग कर सकते हैं, जिससे मिट्टी की गुणवता सुधरने के साथ उत्पादन में भी वृद्धि होती है।

कृषि विभाग के अधीक्षक कृषि अधिकारी मनोजकुमार ढगे ने बताया कि, मिट्टी परीक्षण के बाद अब चरणबद्ध तरीके से किसानों को मृदा कार्ड वितरित किए जा रहे है, जिससे उन्हें अपनी जमीन की सही जानकारी मिल सके।

30 नवंबर से पेंशन आना हो जाएगा बंद, UPS पेंशनर्स फटाफट पूरा करें ये काम

कर्जत में 100 एकड़ का अनंत आश्रय, 5,000 से अधिक लोगों को मिलेगा घर; बदलेगी आसपास के गांवों की तस्वीर?

हां गुंजन... वायरल ऑडियो से हड़कंप, मुंगेर चुनाव में अनंत सिंह ने उड़ाए ₹19 करोड़; लिमिट सिर्फ 95 लाख!

Murasu Live Photos: शाम ढलते ही भारत पर मुरासु चक्रवात का पहरा, इन राज्यों में हाई अलर्ट जारी

भगवान कृष्ण के बाद धीरेंद्र शास्त्री का एक और विवादित बयान, बोले-राम जी के थे 5 बाप