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यवतमाल जिला परिषद: SC योजनाओं पर 60 करोड़ भी नहीं खर्चे, आचार संहिता ने बिगाड़ा विकास का गणित

Yavatmal District Annual Plan: यवतमाल जिले में अनुसूचित जाति उपयोजना की ₹60 करोड़ निधि बेकार। मार्च तक खर्च करना बड़ी चुनौती। आचार संहिता ने रोकी विकास की रफ्तार। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

प्रिया जैस

SC Sub Plan Maharashtra: यवतमाल जिले में सभी वर्गों के विकास के लिए लागू जिला वार्षिक योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति उपयोजना के लिए वर्ष 2025-26 में 84 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है। इस निधि को 31 मार्च 2026 से पहले खर्च करना अनिवार्य है, लेकिन आचार संहिता सहित विभिन्न कारणों से अब तक केवल लगभग 30 प्रतिशत राशि ही विकास कार्यों पर खर्च हो पाई है।

ऐसे में शेष लगभग 60 करोड़ रुपये खर्च करना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बन गया है। जिला वार्षिक योजना के अंतर्गत सामान्य, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति - तीन उपयोजनाएं लागू की जाती हैं। इनमें अनुसूचित जाति उपयोजना के तहत अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्रों में विकास कार्यों और बुनियादी सुविधाओं के लिए धनराशि का उपयोग किया जाना है।

जिले में आचार संहिता लागू

इसके लिए नियोजन विभाग के समक्ष विकास प्रस्ताव प्रस्तुत कर स्वीकृति लेना आवश्यक होता है। हालांकि नगर परिषद चुनावों की आचार संहिता लागू होने के कारण इस वर्ष विकास प्रस्तावों की प्रक्रिया प्रभावित हुई और निधि खर्च की गति धीमी रही।

आचार संहिता समाप्त होने के बाद अब विभागों में प्रस्ताव भेजने की प्रक्रिया तेज हो गई है। वित्तीय वर्ष समाप्त होने में मात्र ढाई से तीन महीने शेष हैं, ऐसे में समयसीमा के भीतर निधि खर्च करने और विकास कार्यों का प्रभावी नियोजन करने के लिए प्रशासन को विशेष प्रयास करने होंगे।

बाकी निधि खर्च करने का नियोजन

पहले चरण में प्राप्त निधि का 30 प्रतिशत हिस्सा खर्च कर दिया गया है। अब 60 प्रतिशत निधि का वितरण हो चुका है। आचार संहिता समाप्त होने के बाद अब निधि खर्च करने का नियोजन किया जा रहा है।

- मंगला मून, सहआयुक्त, समाज कल्याण, यवतमाल।

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