यवतमाल कीटनाशक विषबाधा (सोर्सः सोशल मीडिया)
यवतमाल

Yavatmal News: यवतमाल में कीटनाशक छिड़काव से अब तक 51 लोग बीमार, 4 लाख किसानों को भेजे गए चेतावनी SMS

Yavatmal Pesticide Spraying: यवतमाल में 2026 में अब तक कीटनाशक छिड़काव के दौरान 51 लोग बीमार हुए हैं। हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई। प्रशासन ने किसानों को सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक किया।

आंचल लोखंडे

Yavatmal Pesticide Poisoning: खेतों में कीटनाशकों का छिड़काव करते समय बरती जा रही लापरवाही किसानों और खेत मजदूरों के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। यवतमाल जिले में वर्ष 2026 में अब तक कीटनाशक छिड़काव के दौरान 51 लोगों के बाधित होने के मामले सामने आए हैं।

हालांकि राहत की बात यह है कि इनमें से किसी की मौत नहीं हुई है। सभी प्रभावित लोगों का शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय एवं अस्पताल में उपचार किया गया और बाद में उन्हें छुट्टी दे दी गई। वर्तमान में बादल छाए रहने के कारण सोयाबीन और कपास की फसलों पर माहू, तुडतुड़े, सफेद मक्खी सहित विभिन्न कीटों और रोगों का प्रकोप बढ़ गया है।

स्वास्थ्य पर गंभीर परिणाम

इन पर नियंत्रण पाने के लिए किसान लगातार कीटनाशकों का छिड़काव कर रहे हैं। लेकिन कई किसान और खेत मजदूर छिड़काव के दौरान सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल नहीं करते। कीटनाशक का छिड़काव करते समय सुरक्षा किट, दस्ताने और नाक-मुंह पर मास्क का इस्तेमाल करना जरूरी है। इसके बावजूद इन सावधानियों की अनदेखी की जा रही है। कई बार कीटनाशक के संपर्क में आने के बाद दूषित हाथों से तंबाकू, खर्य या गुटख खाने से भी स्वास्थ का खतरा बढ़ जात है। कृषि विभाग के अनुसार, कीटनाशकों का गलत तरीके से इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए गंभीर परिणाम पैदा कर सकता है।

2017 व 23 में हुई थीं मौत की घटनाएं

यवतमाल जिले में कीटनाशक छिडकाव के दौरान विषबाधा की समस्या नई नहीं है। वर्ष 2017 में 450 से अधिक किसान और खेत मजदूर कीटनाशक छिड़काव के दौरान स्वास्थ संबंधी समस्या उत्पन्न हुई। इस घटना में 23 लोगों की मौत हुई थी। वर्ष 2020 में भी कीटनाशक छिड़काव के दौरान 22 किसान और खेत मजदूर बाधित हुए थे। हालांकि उस समय किसी की जान नहीं गई थी। इसके बाद 2025 में पांढरकवडा तहसील में भी एक व्यक्ति के कीटनाशक पॉइजनिंग होने का मामला सामने आया था।

4 लाख किसानों को भेजे गए चेतावनी के SMS

कीटनाशक पॉइजनिंग की रोकथाम के लिए 1 जुलाई से 31 अगस्त तक जिले में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया, जिले की 13 तहसीलों में 35 प्रशिक्षण सत्र आयोजित कर 730 किसानों और 71 किसान समूहों को मार्गदर्शन दिया गया। कीटनाशक के सुरक्षित इस्तेमाल को लेकर करीब 4 लाख किसानों को एसएमएस भेजे गए। इसके अलावा 55 पोस्टर, फव्वारा यंत्रों पर मास्क के इस्तेमाल संबंधी 21,906 संदेश और 25,244 सूचना पत्रक वितरित किए गए। एडीओ कार्यालयों को 500 सुरक्षा किट तथा 71 अन्य किट वितरित की गईं। जिले में छिड़काव संबंधी जागरूकता के लिए दो प्रचार रथ भी चलाए जा रहे है।

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