यवतमाल पोखरा योजना (सोर्सः सोशल मीडिया)
यवतमाल

यवतमाल के महागांव में पोकरा योजना को अच्छा प्रतिसाद, 2500 से अधिक किसानों ने किए आवेदन

Yavatmal Pokhara Yojana: यवतमाल जिले के महागांव तालुका में पोकरा योजना के तहत 2500 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। कृषि विभाग पात्र लाभार्थियों के आवेदनों की जांच कर रहा है।

आंचल लोखंडे

Highlights

  • यवतमाल जिले के महागांव तालुका कृषि कार्यालय को पोकरा योजना के विभिन्न घटकों के लिए ढाई हजार से अधिक आवेदन मिले हैं।

  • कृषि अधिकारी अंकुश टकले के अनुसार, पोकरा योजना के तहत प्राप्त आवेदनों की संख्या के मामले में महागांव तालुका जिले में सबसे आगे है।

  • कृषि विभाग नियमानुसार आवेदनों की प्रक्रिया पूरी कर पात्र किसानों और लाभार्थियों को योजना का लाभ दिलाने के लिए काम कर रहा है।

Yavatmal Farmer Scheme: पोकरा योजना के तहत विभिन्न घटकों का लाभ लेने के लिए महागांव तालुका के किसानों और लाभार्थियों की ओर से अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। तालुका कृषि कार्यालय को 2500 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं।

प्राप्त आवेदनों पर नियमानुसार प्रक्रिया पूरी कर पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ दिलाने के लिए कृषि विभाग की ओर से कार्रवाई की जा रही है। यह जानकारी कृषि अधिकारी अंकुश टकले ने दी। किसानों को शासन की विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए महागांव तालुका कृषि विभाग प्रयासरत है।

ढाई हजार से अधिक आवेदन प्राप्त

किसानों को योजनाओं का लाभ लेते समय किसी तरह की परेशानी न हो और पात्र लाभार्थियों को उचित मार्गदर्शन मिले, इसके लिए तालुका कृषि अधिकारी अंकुश टकले के मार्गदर्शन में विभाग कार्य कर रहा है। विशेष रूप से पोखरा योजना के विभिन्न घटकों के लिए महागांव तालुका कृषि कार्यालय को ढाई हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं।

यवतमाल जिले में पोकरा योजना के तहत महागांव तालुका सबसे आगे है। कृषि अधिकारी टकले ने बातचीत के दौरान यह जानकारी दी। उत्पादन लागत कम करना, पानी का कुशलतापूर्वक उपयोग करना और किसानों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना शासन की विभिन्न कृषि योजनाओं का प्रमुख उद्देश्य है।

महागांव कृषि विभाग के प्रयास

पोकरा योजना सहित शासन की विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ पात्र किसानों और ग्रामीण क्षेत्र के लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए महागांव तालुका कृषि विभाग के प्रयास जारी हैं। इन योजनाओं से कृषि विकास के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि पूरक व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।

खेती के साथ पूरक व्यवसाय अपनाने को प्रोत्साहन

कृषि पूरक व्यवसायों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से भूमिहीन लाभार्थियों के लिए भी कुछ योजनाओं के तहत आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं। इनमें मुर्गीपालन, बकरीपालन, मिर्च पीसने की इकाई और हल्दी प्रसंस्करण उद्योग जैसे व्यवसाय शामिल हैं। ऐसे उपक्रमों से ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों को रोजगार के अवसर प्राप्त करने में मदद मिल सकती है। इन घटकों का लाभ लेने के लिए शासन के पात्रता मानदंड और योजना की शर्तें लागू रहेंगी।

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