Yavatmal Kharif Sowing Progress: जून माह की शुरुआत से ही मानसून की बेरुखी के कारण यवतमाल जिले के किसान भारी चिंता में थे। मृग नक्षत्र लगभग सूखा गुजरने से खरीफ सीजन की बुवाई बुरी तरह प्रभावित हुई थी और सोयाबीन, कपास, तुअर (अरहर) सहित अन्य खरीफ फसलों की खेती पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे थे।
हालांकि, जून के अंतिम सप्ताह में मानसून ने जोरदार वापसी करते हुए लगातार तीन दिनों तक अच्छी बारिश दर्ज कराई, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिली है।
कृषि विभाग के प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, 29 जून तक जिले में खरीफ बुवाई के निर्धारित लक्ष्य में से लगभग साढ़े तीन लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई पूरी हो चुकी है। यदि मौसम इसी तरह अनुकूल बना रहा, तो शेष क्षेत्र में भी जुलाई के पहले पखवाड़े तक बुवाई संपन्न होने की प्रबल संभावना है।
पिछले तीन दिनों से जिले के अनेक हिस्सों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ अच्छी बारिश हुई है। कुछ राजस्व मंडलों में अतिवृष्टि (भारी बारिश) भी दर्ज की गई, जिससे खेतों में बुवाई के लिए पर्याप्त नमी उपलब्ध हो गई है।
इसके बाद किसानों ने युद्धस्तर पर बुवाई का कार्य शुरू कर दिया है। खेतों में ट्रैक्टर, सीड ड्रिल और बैलगाड़ियों की आवाजाही बढ़ गई है तथा ग्रामीण क्षेत्रों में खेती-किसानी की गतिविधियां बेहद तेज हो गई हैं।
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इस वर्ष यवतमाल जिले में लगभग 8.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन, कपास, तुअर तथा अन्य दलहनी और खरीफ फसलों की खेती का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कृषि विभाग का मानना है कि यदि आगामी दिनों में बारिश का क्रम इसी प्रकार लगातार जारी रहा, तो शेष बचे क्षेत्रों की बुवाई भी जुलाई के पहले पखवाड़े तक सफलतापूर्वक पूरी कर ली जाएगी।