यवतमाल जिला प्रशासन (सोर्सः सोशल मीडिया)
यवतमाल

रबी फसलों को नहीं मिलेगा सिंचाई पानी, यवतमाल में जलसंकट को लेकर पालकमंत्री की समीक्षा बैठक में फैसला

Yavatmal Water Crisis: यवतमाल जिले में सूखे और संभावित जलसंकट को देखते हुए पालकमंत्री संजय राठोड ने समीक्षा बैठक में अहम निर्देश दिए। जल भंडार का 10 प्रतिशत हिस्सा पेयजल के लिए आरक्षित रहेगा।

आंचल लोखंडे

Highlights:

  • सूखे की गंभीर स्थिति को देखते हुए सिंचाई परियोजनाओं से रबी फसलों के लिए पानी उपलब्ध नहीं कराने का निर्णय लिया गया है।

  • सिंचाई परियोजनाओं में उपलब्ध जल भंडार का 10 प्रतिशत हिस्सा पीने के पानी के लिए सुरक्षित रखा गया है।

  • पालकमंत्री संजय राठोड ने जल संरक्षण कार्यों, तालाबों की मरम्मत, नहरों की दुरुस्ती और पशुओं के लिए चारा उत्पादन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

Yavatmal Drought Management: यवतमाल जिले में सूखे की स्थिति और आगामी दिनों में संभावित जलसंकट को देखते हुए पालकमंत्री संजय राठोड ने जल उपलब्धता, फसल स्थिति, किसानों को आर्थिक सहायता तथा सूखा निवारण उपायों की विस्तृत समीक्षा की। सिंचाई परियोजनाओं में उपलब्ध जल भंडार का 10 प्रतिशत हिस्सा पेयजल के लिए आरक्षित रखा गया है। सूखे की गंभीर स्थिति को देखते हुए रबी सीजन के लिए सिंचाई का पानी उपलब्ध नहीं होगा। इसकी स्पष्ट जानकारी किसानों को दी जाए।

साथ ही जल संरक्षण कार्यों और चारा उत्पादन को प्राथमिकता दी जाए, ऐसे निर्देश पालकमंत्री ने दिए। जिलाधिकारी कार्यालय के राजस्व भवन में पालकमंत्री संजय राठोड की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर जिलाधिकारी विकास मीना, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विशाल खत्री, उपवनसंरक्षक, अपर जिलाधिकारी सुदर्शन गायकवाड, निवासी उपजिलाधिकारी अनिरुद्ध बक्षी सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।

रोजगार आदि के मुद्दों की समीक्षा

बैठक में पालकमंत्री ने फसल नुकसान, किसानों को दिवाली से पहले पांच हजार रुपए अग्रिम सहायता वितरण की योजना, फसल पंचनामे, एग्रीस्टैक पंजीयन, जल भंडार, पेयजल आरक्षण, परियोजनाओं से पानी छोड़ने की योजना, अवैध जल उपसा रोकने, चारा उत्पादन, नल जलापूर्ति योजनाओं, बिजली आपूर्ति, बीज उपलब्धता, तालाब मरम्मत, जलसंकट निवारण, नहर मरम्मत, हैंडपंप व बोरवेल दुरुस्ती, बिजली उत्पादन व आपूर्ति, सिंचाई परियोजनाओं के वेस्ट वेयर से पानी उपसा, वन्यजीवों के लिए पानी व चारा, फसल कर्ज वसूली, कर्ज पुनर्गठन, माइक्रोफाइनेंस कंपनियों पर नियंत्रण, परीक्षा शुल्क माफी, जमीन महसूल में छूट तथा रोजगार आदि के मुद्दों की समीक्षा की।

अवैध जल उपसा करने वालों पर कार्रवाई करें

सिंचाई परियोजनाओं के जल भंडार का उचित नियोजन किया जाए, खरीफ फसलों के लिए सिंचाई का पानी छोड़ने से पहले उपविभागीय अधिकारी, तहसीलदार, कृषि अधिकारी तथा जलसंपदा और जलसंधारण विभाग की ओर से प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाएं। इसके बाद ही पानी छोड़ने का निर्णय लिया जाए।

माइक्रोफाइनेंस वसूली का मुद्दा मंत्रिमंडल में उठेगा

  • पालकमंत्री संजय राठोड ने कहा कि किसान कर्जमाफी योजना के लाभार्थियों को नया कर्ज देने के संबंध में शासन के स्पष्ट निर्देश हैं।

  • हालांकि, बैंकों की ओर से आने वाली समस्याओं को दूर करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

  • माइक्रोफाइनेंस कंपनियों की कर्ज वसूली के संबंध में राज्य सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक की मार्गदर्शक सूचनाएं जारी करने का मुद्दा मंत्रिमंडल की बैठक में रखा जाएगा।

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