यवतमाल डिजिटल अरेस्ट ठगी  एआय जनरेटेड फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
यवतमाल

यवतमाल में डिजिटल अरेस्ट कर 32.80 लाख की ठगी, अस्पताल से फरार चौथा आरोपी नागपुर स्टेशन से गिरफ्तार

Yavatmal Cyber Crime: यवतमाल में बुजुर्ग नागरिकों से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 32 लाख 80 हजार की साइबर ठगी के मामले में अस्पताल से फरार चौथे आरोपी को पुलिस ने नागपुर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया।

आंचल लोखंडे

Yavatmal Digital Arrest Fraud: स्थानीय बुजुर्ग नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 32 लाख 80 हजार रुपये की ठगी का शिकार बनाने के मामले में फरार चौथे आरोपी को पुलिस ने नागपुर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान मनोजकुमार राजवीर सिंह (37), निवासी भूवापुर, गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश), वह यवतमाल के शासकीय अस्पताल से पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था।

पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए शनिवार तड़के 3:30 बजे उसे नागपुर रेलवे स्टेशन से दबोच लिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यवतमाल शहर के बुजुर्ग नागरिकों के साथ डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 32 लाख 80 हजार रुपए की साइबर ठगी की गई थी। इस मामले में पुलिस ने पहले तीन आरोपियों को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया था। ये आरोपी मूल रूप से मणिपुर के निवासी बताए गए हैं। आरोपियों ने अलग-अलग स्थानों पर रहकर अपने पते भी बदल रखे थे और लोगों को धमकाकर ठगी करने का तरीका अपनाया था।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल

इस दौरान एक आरोपी ने अपने अन्य साथियों के बारे में जानकारी दी। इसी जानकारी के आधार पर पुलिस ने मनोजकुमार राजवीर सिंह की पहचान की और उसे यवतमाल लाया गया था। इस कार्रवाई में सहायक पुलिस निरीक्षक विकास पाटील, जमादार भरत राठोड, पवन तडसे और कुणाल पांडे शामिल रहे।

फरार आरोपी की गिरफ्तारी से डिजिटल अरेस्ट ठगी मामले की जांच को आगे बढ़ाने में पुलिस को मदद मिलने की उम्मीद है। वहीं, शासकीय अस्पताल से आरोपी के फरार होने की घटना के बाद पुलिस की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

पुलिस टीम ने तड़के 3.30 बजे धर दबोचा

इसी बीच शुक्रवार 2 अक्टूबर को मामले की जांच और पूछताछ के दौरान आरोपी को यवतमाल के शासकीय अस्पताल से फरार होने का मौका मिल गया। आरोपी के फरार होने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश के लिए विभिन्न स्थानों पर टीमें रवाना की। जांच के दौरान पुलिस को उसके नागपुर रेलवे स्टेशन पर होने की जानकारी मिली। इसके बाद सहायक पुलिस निरीक्षक विकास पाटील के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए शनिवार तड़के 3:30 बजे उसे गिरफ्तार कर लिया।

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