SIR मामले में BJP नेता रवि पाटिल को कोर्ट से राहत, 198 वोटर्स के नाम हटाने की कोशिश का आरोप

Belagavi SIR Case: बेलगावी SIR मामले में BJP नेता डॉ. रवि पाटिल को सशर्त जमानत मिली। उन पर Form-7 के जरिए 198 मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश का आरोप है।
belagavi SIR Case Ravi Patil Bail
डॉ. रवि पाटिलसौजन्य-सोशल मीडिया
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Belagavi SIR Case Ravi Patil Bail: बेलगावी उत्तर निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी के हारे हुए उम्मीदवार डॉ. रवि पाटिल को बेलगावी की दूसरी अतिरिक्त जिला और सत्र अदालत ने सशर्त जमानत दे दी है। यह मामला SIR के जरिए 191 मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटाने के आरोपों से जुड़ा है।

वार्ड 12 के BLO की शिकायत पर डॉ. रवि पाटिल समेत 20-25 लोगों के खिलाफ मार्केट पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई थी। यह मामला (क्राइम नंबर 218/2026) 22 सितंबर को वीरभद्रनगर के पोलिंग बूथ 195 और 196 पर हुई घटना से जुड़ा है।

आरोपियों पर BNS एक्ट की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था, जिसमें फर्जी दस्तावेज, गलत जानकारी और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश के आरोप शामिल हैं। जांच के अनुसार, फॉर्म नंबर 7 के जरिए जीवित और कानूनी रूप से वैध मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश के आरोप थे।

वोटर लिस्ट से नाम हटाने की साजिश

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने गुरुवार को आरोप लगाया कि भाजपा और जनता दल (एस) के नेता एवं कार्यकर्ता विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के जरिए वोटर लिस्ट से करीब 50 लाख पात्र मतदाताओं के नाम हटाने की आपराधिक साजिश में शामिल हैं।

उन्होंने मांग की थी कि चुनाव आयोग उन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करे, जो पहले से भरे हुए फॉर्म-7 आवेदनों का इस्तेमाल करके अल्पसंख्यक, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की कोशिश कर रहे हैं।

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कर्नाटक में 1.07 करोड़ मतदाताओं के नाम कटे

सीएम शिवकुमार ने दावा किया कि कर्नाटक में SIR प्रक्रिया के दौरान अब तक 1.07 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से बाहर किए जा चुके हैं और 45 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। इसके बावजूद उन्होंने आरोप लगाया कि अब करीब 50 लाख और मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश की जा रही है।

अपने सरकारी आवास कृष्णा में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सीएम डीके शिवकुमार ने आरोप लगाया कि भाजपा और जनता दल (एस) के कार्यकर्ताओं ने कई विधानसभा क्षेत्रों में बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को ऐसे फॉर्म-7 आवेदन सौंपे हैं, जिनमें मतदाताओं का विवरण पहले से भरा हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि इसका मकसद मतदाताओं के नाम सूची से हटवाना था।

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बाबलेश्वर में 1,600 से अधिक आवेदन

सीएम ने दावा किया कि बाबलेश्वर में ऐसे 1,600 से अधिक आवेदन जमा किए गए, जबकि विजयपुरा में 14,000 और भालकी में 3,244 आवेदन दिए गए। भालकी, नरसिम्हराजपुरा, बेलगावी और कई अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी इस तरह की कोशिशों का पता चला है।

सीएम के मुताबिक, कुछ विधानसभा क्षेत्रों में 5,000 से 10,000 मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश भी की गई। उन्होंने एक्टर प्रकाश राज के नेतृत्व वाले एक नागरिक समूह के सदस्यों ने मतदान केंद्रों का दौरा कर इस संबंध में जानकारी जुटाई है।

सीएम डीके शिवकुमार ने कहा, "भाजपा के आधिकारिक कार्यकर्ताओं ने अपने नाम से ऐसे सैकड़ों फॉर्म-7 आवेदन जमा किए हैं। कुछ जगहों पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपनी गलती स्वीकार भी की है।" इन नेताओं में डॉ. रवि पाटिल का नाम भी शामिल था।

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