Yavatmal Digital Arrest Fraud: यवतमाल में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर एक वरिष्ठ नागरिक से 32 लाख 80 हजार 200 रुपये की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने बेंगलुरु से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
आरोपी ट्रेन से भागने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने ट्रेन में पहुंचकर दो आरोपियों को पकड़ लिया, जबकि तीसरा बाथरूम में छिप गया था।
यवतमाल शहर पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के जरिए एक वरिष्ठ नागरिक से 32 लाख 80 हजार 200 रुपये की धोखाधड़ी के मामले में तीन आरोपियों को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने कथित तौर पर खुद को पुलिस अधिकारी बताकर बुजुर्ग को डराया और उसके बैंक खाते का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में होने की बात कही।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने शिकायतकर्ता को यह भी बताया कि उसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का वारंट जारी हुआ है। इसके बाद उसे 31 अगस्त से 3 सितंबर तक डिजिटल अरेस्ट में रखने की बात कहते हुए अलग-अलग प्रक्रिया के नाम पर उसके बैंक खाते से रकम ट्रांसफर करवा ली गई।
शिकायतकर्ता ने यवतमाल शहर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसके अनुसार, मोबाइल नंबर 7410703317, 7058338596, 9187428268 और 7409376127 से व्हाट्सऐप वीडियो कॉल और फोन कॉल किए गए थे। कॉल करने वालों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताया और कार्रवाई का डर दिखाकर पैसे ट्रांसफर करवाए।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी जानकारी और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस को आरोपियों के बारे में सुराग मिला। इसके बाद एक टीम बेंगलुरु रवाना की गई।
पुलिस के अनुसार, आरोपी लगातार अपना स्थान बदल रहे थे। इसी दौरान रात में उनकी लोकेशन बेंगलुरु के एक रेलवे स्टेशन के पास मिली। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो गुवाहाटी एक्सप्रेस रवाना होने वाली थी।
पुलिस टीम ने ट्रेन में चढ़कर आरोपियों की पहचान की। इसके बाद थाउनाजम सूरज मैतई शाम मैतई और इलंगबाम बोरीश मैतई, दोनों मणिपुर राज्य निवासी और वर्तमान में बेंगलुरु शहर में रह रहे थे, को हिरासत में लिया गया। ट्रेन को रोकने के लिए पुलिस ने चेन पुलिंग की।
पुलिस को देखते ही तीसरा आरोपी खुमुकवाम रोसन सिंग, निवासी मणिपुर और वर्तमान पता बेंगलुरु, ट्रेन के बाथरूम में घुस गया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। पुलिसकर्मियों ने बाथरूम के बाहर निगरानी रखी।
ट्रेन आगे रवाना हो गई और करीब 100 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद रेलवे स्टाफ की मदद से बाथरूम का लॉक खोला गया। इसके बाद तीसरे आरोपी को भी हिरासत में ले लिया गया।
तीनों आरोपियों को यवतमाल शहर पुलिस थाने लाया गया। बाद में उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां पुलिस को आरोपियों की पुलिस कस्टडी मंजूर की गई। मामले में साइबर ठगी के नेटवर्क और रकम के लेनदेन को लेकर आगे जांच की जा रही है।