

Drought Relief Maharashtra: महाराष्ट्र राज्य में बारिश की कमी के कारण उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए 265 तहसीलों में सूखा घोषित किया गया है। इसमें शामिल नहीं की गई तहसीलों की जांच कर ट्रिगर-3 के तहत सहायता प्रदान की जाएगी। सूखे की स्थिति में कोई भी व्यक्ति सरकारी मदद से वंचित नहीं रहेगा।
यह आश्वासन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिया। वे नागपुर में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने बताया कि बारिश की कमी और अन्य कारणों से प्रभावित राज्य की 265 तहसीलों में सूखे की स्थिति घोषित की गई है। इन तहसीलों में 12 उपाययोजनाएं और रियायतें लागू की गई हैं।
सूखा प्रभावित किसानों को फसल के नुकसान की भरपाई निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद दी जाएगी। जिन तहसीलों को सूखे की सूची में शामिल नहीं किया गया है, उन सभी की जांच की जाएगी और उन्हें ट्रिगर-3 के तहत शामिल कर सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
महाराष्ट्र राज्य में सूखाग्रस्त तहसीलों में पेयजल की उपलब्धता के संबंध में CM देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि प्रत्येक जिले के लिए एक कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके अनुसार पेयजल को प्राथमिकता दी जाएगी। राज्य की अधिकांश जल परियोजनाओं में पीने के पानी की उपलब्धता है।
जुलाई-अगस्त तक पेयजल के लिए पानी आरक्षित रखने के बाद अतिरिक्त उपलब्ध पानी को रबी फसलों के लिए दिया जा सकता है या नहीं, इस पर भी विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अ नीनो के कारण उत्पन्न स्थिति का अध्ययन किया जा रहा है।
फरवरी के अंत तक इसके चरम स्त पर पहुंचने की संभावना है। ऐसी स्थिति क सामना करने के लिए आवश्यक उपाययोजनाअ को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के लिए निर्णय लिए जा रहे हैं।
उन्होंने सूखे की स्थिति से निपटने के लिए आम जनता से भी सहयोग करने की अपील की। सीएम ने कहा कि सभी लोग अनावश्यक खचों से बचें और सूखाग्रस्त क्षेत्रों की मदद के लिए आगे आएं।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में हुई भारी बारिश के कारण गड़चिरोली जिले के भामरागड में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई है। प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावितों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। वे लगातार प्रशासन के संपर्क में हैं। बाढ़ की स्थिति अब धीरे-धीरे सामान्य हो रही है और जनजीवन भी पटरी पर लौट रहा है।